पट्टी/बेलखरनाथधाम (ब्यूरो)। धान बेचने के लिए आनलाइन आवेदन लगभग दो माह पूर्व किसानों द्वारा किया गया, लेकिन सत्यापन कर उसका रजिस्ट्रेशन अब तक नहीं किया गया। जिससे क्रय केंद्रों पर धान खरीद की शुरुआत नहीं हुई और किसान अपनी उपज बेचने के लिए चक्कर काट रहे हैं। परेशान किसानों ने तहसील प्रशासन को शिकायती पत्र देकर धरना प्रर्दशन की चेतावनी दी है।
बिचौलियों से बचने के लिए शासन ने धान खरीद की नई व्यवस्था की है। जिसके लिए पहले आनलाइन आवेदन करना होता है। जिसका सत्यापन क्षेत्रिय लेखपाल द्वारा किया जाता है। उनके सत्यापन के बाद खाद्य व रसद विभाग इसका रजिस्ट्रेशन जिस केंद्र से आवेदन आया है, उसे भेज देता है। जिससे वह किसान को मिल जाता है। लेकिन विभाग में हड़ताल लंबी खिंचने के कारण सारे कार्य ठप पड़े हैं और रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र न मिलने से क्रय केंद्र के कर्मचारी धान क्रय करने से कतरा रहे हैं। क्रय केंद्र कर्मचारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जब तक सत्यापन नहीं होगा, खरीद नहीं की जा सकती है। किसान जब लेखपाल के पास जाते हैं तो वह सत्यापन कर भेजने की बात करता है। लेकिन खाद्य व रसद विभाग की हड़ताल खत्म न होने से यह कार्य बाधित है। इस समस्या से किसानों में रोष है। इलाके के किसान विजय बहादुर सिंह, अनिल सिंह, राम आसरे वर्मा ,श्याम मिलन सिंह लौवार आदि किसानों ने बताया कि बिचौलिए 12 रुपये की दर से धान क्रय करना चाह रहे हैं, जबकि सरकारी मूल्य 17.5 रुपये है। ऐसे में किसान उपज न लिए जाने से परेशान हैं।