जिले में 51 आयुष्मान आरोग्य मंदिर ऐसे हैं, जहां सीएचओ की तैनाती नहीं हुई है। इससे मरीजों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर का लाभ नहीं मिल रहा है। प्राथमिक जांच से लेकर इलाज कराने के लिए सीएचसी या फिर पीएचसी जाना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए आरोग्य मंदिर बनाए गए थे। इनमें से सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की नियुक्ति की जानी थी। मार्च 2025 से आरोग्य मंदिरों का संचालन कर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जानी थीं लेकिन अब तक 51 सीएचओ की नियुक्ति नहीं हो सकी है। इससे मरीजों की जांच और इलाज नहीं हो पा रहा है।
इन केंद्रों पर नहीं है तैनाती
बेलखरनाथ ब्लाॅक के दिलीपपुर हिमायू घाट के समीप तैयार आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुष्मान आरोग्य मंदिर कांधरपुर, आयुष्मान आरोग्य मंदिर उड़ैयाडीह, आयुष्मान आरोग्य मंदिर गजरिया व आयुष्मान आरोग्य मंदिर पूरे केशवराय समेत अन्य जगहों पर सीएचओ की तैनाती नहीं हुई है।
-
उड़ैयाडीह का सेंटर बीते छह माह से नहीं खुला है। इलाज कराने के लिए आठ किमी दूर पट्टी जाना पड़ता है।
- ब्रम्हदेव, डंडवा।
-
गजरिया में तीन साल पहले आरोग्य मंदिर बनकर तैयार हुआ। मगर आज तक शुरू नहीं हो सका। - मोहम्मद खलील, गजरिया
बोले सीएमओ
कई सीएचओ के पद रिक्त हैं। शासन को पत्र भेजा गया है। सीएचओ की नियुक्त के बाद आरोग्य मंदिरों का संचालन किया जाएगा।
- डॉ. एएन प्रसाद, सीएमओ।