जिले के महाविद्यालयों में 50 फीसदी शिक्षकों की कमी है। इससे छात्र-छात्राओं की पढाई प्रभावित हो रही है। कई विषयों में वर्षों से शिक्षक नहीं हैं। जिले में 4 राजकीय,7 अनुदानित सहित कुल 139 कॉलेज हैं। इन कॉलेजों में दाख़िले की प्रक्रिया 10 अगस्त तक चलेगी। इसके साथ ही राज्य विश्वविद्यालय ने कक्षाओं के संचालन का भी निर्देश दिया है, लेकिन शिक्षकों की कमी के चलते इसमें बाधा आ रही है।
जिले में संचालित हो रहे कॉलेजों में करीब 50 फीसदी शिक्षकों की कमी है। जिससे सभी विषयों की कक्षाएं संचालित करने में कठिनाई हो रही है। विज्ञान विषय के शिक्षकों की कमी के चलते छात्र-छात्राओं को कोचिंग का सहारा लेना पड़ रहा है। आठ शिक्षकों का चयन प्राचार्य के लिए हो गया है। इसके चलते भी शिक्षक कम हुए हैं।
एमडीपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मनोज मिश्रा ने बताया कि पदों के अधियाचन के लिए सूचना निदेशालय भेजी गई है। उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा रिक्त पदों के लिए विज्ञापन भी जारी किया गया है। जल्द ही शिक्षकों के सभी पदों पर नियुक्ति हो जाएगी।
एमडीपीजी कॉलेज
विषय कुल पद शिक्षक
गणित 2 1
केमेस्ट्री 2 1
जूलॉजी 3 1
बॉटनी 3 1
अर्थशास्त्र 2 1
भूगोल 4 2
अंग्रेजी 4 0
समाजशास्त्र 2 0
प्राचीन इतिहास 5 3
पीबीपीजी कॉलेज
विषय कुल पद शिक्षक
गणित 2 1
कैमेस्ट्री 3 2
जूलॉजी 2 0
बॉटनी 2 0
मनोविज्ञान 2 1