प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 5,10,400 किसानों को अब छह-छह हजार रुपये वार्षिक मिलेंगे। अभी तक लघु और सीमांत किसानों को ही योजना के दायरे में शामिल किया गया था। मगर मोदी कैबिनेट की पहली बैठक में इसका दायरा बढ़ा दिया गया है।
लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले प्रचंड बहुमत के बाद मोदी सरकार ने किसानों का दिल जीतने का प्रयास किया है। भाजपा के चुनावी संकल्प पत्र में किए गए वादे में महात्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का दायरा बढ़ाकर सभी किसानों को लाभान्वित करने का फैसला किया गया है। फरवरी माह में मोदी सरकार ने आठ बीघे से कम जमीन वाले किसानों को ही योजना का लाभ देने के लिए चिह्नित किया गया था। फरवरी में योजना लागू होने के बाद जिले के 1,80,452 किसानों के खाते में चार-चार हजार रुपये आ गए हैं। जबकि मोदी सरकार के नए फैसले से 3,29,948 और किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। जिले के 2240 राजस्व गांवों में लघु और सीमांत किसानों की संख्या 4,83,086 है, जबकि 27,314 ऐसेे किसान हैं जिनके पास आठ बीघे से अधिक जमीन है।
डाटा फीडिंग को फिर चलेगा अभियान
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छह-छह हजार रुपये किसानों के खाते में भेजने के लिए डाटा ऑनलाइन करने का अभियान एक बार फिर चलेगा। इससे राजस्व और कृषि विभाग की परेशानी बढ़ेगी।
लेखपालों के खेल से वंचित रह गए थे हजारों किसान
फरवरी में लागू प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में लेखपालों ने जेब भरने के चक्कर में हजारों लाभार्थियों का डाटा नहीं फीड कराया था। किसानों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की तो लेखपालों ने अपने बचाव में कह दिया था इनके पास आठ बीघे से अधिक जमीन है। मगर अब लेखपालों के पास कोई जवाब नहीं होगा।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जमीन की सीमा को समाप्त कर दिया गया है। इसलिए जिन किसानों के पास जमीन है, वह सब योजना के पात्र माने जाएंगे। हालांकि अभी गाइडलाइन नहीं आई है। आते ही अभियान प्रारंभ कराया जाएगा।
-श्रीराम यादव, मुख्य राजस्व अधिकारी।