ग्रामीण इलाकों में स्थित बीटीसी कालेजों से शहरी महिला अभ्यर्थियों ने दूरी बना ली है। ऐसे में उन्होंने काउंसलिंग न कराकर डीडी वापस ले लिया है। इससे ग्रामीण इलाकों के बीटीसी कालेजों में करीब आधी सीटें खाली रह गई हैं।
शहर की महिला अभ्यर्थियों ने बीटीसी प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। हाईस्कूल, इंटर व स्नातक में प्राप्त अंकों के गुणांक के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी की गई। इसके बाद अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया। इसमें प्रमाण पत्रों की छायाप्रति जमा की गई थी। इसके बाद दोबारा काउंसलिंग में अभ्यर्थियों से मूल प्रमाण पत्र व 41 हजार रुपये का डिमांड ड्राफ्ट(डीडी) जमा कराया गया था। कुछ दिन बाद डायट द्वारा किए गए कालेज आवंटन से अधिकांश शहरी महिला अभ्यर्थियों को झटका लगा।
इनका कहना है कि कालेज आवंटन ग्रामीण क्षेत्र स्थित ऐसे कालेजों में किया गया जहां आने-जाने कोई साधन नहीं हैं। वहीं अभिभावकों ने भी असुरक्षा को देखते हुए प्रवेश न कराने का मन बना लिया। साथ ही ग्रामीण इलाकों के कालेज प्रशासन द्वारा दाखिले के दौरान 50 हजार रुपये तक की मांग की गई थी। ऐसे में तमाम शहर की महिला अभ्यर्थियों ने काउंसलिंग कराने से इंकार कर दिया। साथ ही डायट में जमा की गई डीडी व मूल प्रमाण पत्रों को वापस ले लिया। ऐसे में ग्रामीण इलाकों में करीब आधी सीटें खाली रह गई हैं।