नहीं मिल रहीं बसें, ट्रक से जाएंगे मतदान कार्मिक
स्कूलों को मिलाकर कुल 200 सौ हैं बसें, 678 वाहनों की है आवश्यकता
चुनाव आयोग ने कर्मचारियों को बस मुहैया कराने का दिया था निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के मतदान कार्मिकों को बूथ तक ले जाने के लिए बसें खोजे नहीं मिल रही हैं। इससे कर्मचारियों को ट्रकों पर बैठकर जाना होगा। चुनाव आयोग ने मतदान कार्मिकों को बूथ तक ले जाने के लिए बसों का प्रयोग करने को कहा था। मगर एआरटीओ ने सभी कर्मचारियों के लिए बसों की व्यवस्था करने से हाथ खड़े कर दिए हैं।
जिले में छह और 12 मई को होने वाले मतदान के लिए कर्मचारियों को बूथ तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। एआरटीओ की मानें तो स्कूल बसों को मिलाकर मात्र 200 बसें हैं। जबकि जिले में 2616 बूथों के लिए 678 बसों की आवश्यकता है। जिले के 443 बूथ ऐसे हैं, जहां बड़े वाहन पहुंच ही नहीं पाएंगे। ऐसी दशा में इन बूथों के लिए मैजिक और लोडर वाहनों को भेजा जाएगा। जिले में बसों की कमी होने से जिला प्रशासन अब ट्रकों की तलाश में लगा है।
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नेताओं की बसों को नहीं पकड़ रहे एआरटीओ
जिले में प्रभावशाली नेताओं के स्कूलों और ट्रांसपोर्ट की बसों को नहीं पकड़ा जा रहा है। नेताओं की बसों को देखकर एआरटीओ मुंह मोड़ लेते हैं। जबकि सामान्य स्कूलों की बसों को नोटिस थमाकर एटीएल ग्राउंड आने को कहा जा रहा है।
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तीन मई के लिए थमाया जा रहा है नोटिस
कौशांबी संसदीय सीट के कुंडा और बाबागंज विधानसभा में छह मई को होने वाले चुनाव के लिए तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। एआरटीओ वाहन चालकों को अभी छह मई को होने वाले चुनाव के लिए नोटिस थमा रहे हैं। वाहन चालकों को तीन मई को एटीएल ग्राउंड पहुंचने को कहा गया है। जबकि 12 मई को पांच विधानसभाओं में होने वाले मतदान के लिए सभी वाहन स्वामियों से 10 मई को पहुंचने को कहा जा रहा है।
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जिले में बसों की संख्या बेहद कम है, स्कूल बसों को मिलाकर मात्र दो सौ बसें हैं। अधिकांश बसों को अधिग्रहीत किया गया है। मांग के अनुरूप बसें उपलब्ध नहीं होने की दशा में ट्रकों को लगाया जा रहा है।
मनोज सिंह, एआरटीओ।