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नकल सामाग्री मिलने पर खत्म होगी वितविहीन विद्यालयों की मान्यता

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नकल सामग्री मिलने पर खत्म होगी वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता
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बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 80 प्रतिशत केंद्र बनाए गए हैं वित्तविहीन कॉलेज
तलाशी के दौरान मिल रही नकल सामग्री, साइलेंट नकल का भी हल्ला, डीआईओएस ने कसे पेच
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अब नकल सामग्री मिलने पर वित्तविहीन विद्यालयों की मान्यता खत्म होगी। दरअसल, जिले में सबसे ज्यादा परीक्षा केंद्र वित्तविहीन कॉलेजों को बनाया गया है। डीआईओएस के निरीक्षण में नकल सामग्री मिलने व साइलेंट नकल की बात सामने आई है। इसे देखते हुए उन्होंने यह आदेश दिया है।
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जिले में इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल व इंटर में कुल 1 लाख 35 हजार 534 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। कुल 208 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। सबसे ज्यादा 139 वित्तविहीन कॉलेज परीक्षा केंद्र हैं। 4 राजकीय जबकि सहायता प्राप्त 67 विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है। जिले में नकलविहीन परीक्षा संपादित कराने के लिए विभाग ने तगड़ी किलेबंदी की है। 210 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 6 सचल दल, दो सुपर जोनल, 5 जोनल मजिस्ट्रेट व 30 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। केंद्रों पर सघन तलाशी के निर्देश दिए हैं, मगर इसके बाद भी सचल दल की तलाशी में नकलची नकल सामग्री के साथ पकड़े जा रहे हैं। दूसरी पाली में इंटर की हिंदी प्रथम प्रश्र पत्र की परीक्षा के दौरान दो छात्र नकल करते पकड़े गए। परीक्षा कक्ष में दोनों ही छात्र नकल सामग्री लेकर बैठे हुए थे। डीआईओएस ने दोनों को रस्टीकेट कर दिया। इसी तरह सरला बालिका इंटर कॉलेज में गृह विज्ञान के पेपर में एक छात्रा नकल करते पकड़ी गई। उसे भी रस्टीकेट कर दिया गया। जिसमें तलाशी के दौरान लापरवाही बरतने की बात सामने आई है। तीनों ही परीक्षा केेंद्र वित्तविहीन विद्यालय हैं। डीआईओएस ने तीनों केंद्र व्यवस्थापकों को नोटिस थमाते हुए सख्त निर्देश दिए थे। केेंद्रों पर साइलेंट नकल की भी चर्चा जोरों पर थी। इसे देखते हुए विभाग की ओर से सख्ती दिखाई गई है। जितने भी वित्तविहीन विद्यालय परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, वहां के केंद्र व्यवस्थापकों को डीआईओएस डा. एसपी यादव ने परीक्षा के दौरान लापरवाही मिलने पर सख्त आदेश जारी किया है। कहा कि यदि वित्तविहीन परीक्षा केंद्रों पर नकल सामग्री मिली और कोई नकल कराते पाया गया तो उस विद्यालय की मान्यता खत्म कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर किसी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नकल विहीन परीक्षा संपादित कराने को लेकर यह निर्देश दिया गया है।
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