राजाभैया की रैली में बेल्हा से गया रेला
कुंडा-बाबागंज में हर ओर पसरा रहा सन्नाटा
अधिकांश दुकानों पर लटकता रहा ताला, कालेजों में भी कर दी गई थी छुट्टी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। पूर्वमंत्री व कुंडा के निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया के राजनीति में 25 वर्ष पूरे होने पर शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित रैली में शामिल होने के लिए जिले से बड़ी संख्या में लोग गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह रवाना हुए। बस, कार आदि वाहनों के साथ बुक की गई स्पेशल ट्रेन से लोग लखनऊ गए। जिसके चलते कुंडा व बाबागंज विधानसभा क्षेत्र के बाजारों में अघोषित बंदी का नजारा दिखा। सरकारी कर्मचारी भी रैली में शामिल होने पहुंचे। कई कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया गया था।
लखनऊ में आयोजित रैली में शामिल होने के लिए लोग गुरुवार की रात से ही रवाना होने लगे। अधिकांश बसें रात में ही रवाना कर दी गईं। भोर से चार पहिया वाहनों से समर्थक रवाना हुए। सबसे अधिक भीड़ कुंडा व बाबागंज विधानसभा क्षेत्र से शामिल होने गई थी। जिससे कुंडा, विहार, बाबागंज, हीरागंज, मानिकपुर, राजापुर, डेरवा, बाबूगंज समेत छोटी व बड़ी बाजारों में शुक्रवार को अघोषित बंदी का नजारा देखने को मिला। रैली में राजा भैया के समर्थकों के अलावा सरकारी कर्मचारी भी शामिल हुए। दोनों विधानसभाओं क्षेत्रों के अधिकांश कालेजों में बंदी कर दी गई थी। प्राइमरी स्कूल में भी एक तरह से अवकाश ही रहा। कुंडा व बाबागंज क्षेत्र में पड़ने वाले चारों विकासखंड कार्यालयों में भी खाली कुर्सी ही दिखाई पड़ रही थी। लखपेड़ा में साप्ताहिक बाजार भी सूनी रही। यहां तक टेंपो व मैजिक भी सड़कों पर नहीं दिखे। जिससे बाहर से आने वाली सवारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा।
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जाम में फंस गए सैकड़ों वाहन, ढाबों पर नहीं मिला खाना
राजाभैया की रैली में शामिल होने के लिए लखनऊ निकलने में जिन लोगों ने विलंब कर दिया, वह रैली में शामिल नहीं हो सके। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों के समर्थक शुक्रवार की सुबह लखनऊ के लिए रवाना हुए। ऊंचाहार, ब्रम्हौली, लालगोपालगंज में जाम के चलते लोगों के वाहन फंस गए। इसके चलते वे लोग रैली में शामिल नहीं हो सके। सभी को रास्ते से ही लौटना पड़ गया। रैली में शामिल होकर लौट रहे लोगों को ढाबा व होटलों पर खाना नहीं मिला।
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सोशल मीडिया का लेते रहे सहारा
राजा भैया के समर्थक रैली में शामिल होने के लिए अंतिम क्षण तक लोगों को प्रेरित करते रहे। ऐसे में राजाभैया यूथ ब्रिगेड के पदाधिकारी फेसबुक और व्हट्सएप पर रैली में जाने वाले वाहनों व लोगों की भीड़ की तस्वीर व वीडियो क्लिप डालकर उत्साहित करते रहे। ताकि लोग समय से रैली में शामिल होने के लिए घरों से निकल सकें।
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जनसत्ता एक्सप्रेस को फूलों से सजाया गया था
मानिकपुर व कालाकांकर के समर्थकों की विशेष मांग पर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राजाभैया ने मानिकपुर से लखनऊ तक के लिए स्पेशल ट्रेन बुक कराई थी। जिसे फूलों से सजाकर भेजा गया था। जो निर्धारित समय पर गढ़ी मानिकपुर पहुंच गई। वहां से लोगों को लेकर परियावां पहुुंची। वहां भी समर्थक सवार हो गए। 18 बोगियों में राजाभैया समर्थक भरे हुए थे। जनसत्ता दल का झंडा व गमछा लिए समर्थक नारेबाजी करते हुए लखनऊ के लिए रवाना हुए। हालांकि ट्रेन एक घंटे विलंब से लोगों को लेकर लखनऊ पहुंची। समर्थकों के रैली में पहुंचने के बाद ही राजाभैया कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
राजाभैया की रैली के लिए रातभर निकलते रहे समर्थक
लालगंज (ब्यूरो)। राजाभैया की लखनऊ में आयोजित रैली में शामिल होने के लिए गुरुवार रात भर समर्थक लखनऊ रवाना होते रहे। इसके चलते लालगंज में रातभर वाहनों की कतार देखने को मिली। लालगंज इलाके के साथ ही शहर, पट्टी, संडवा चंद्रिका, सगरा, बाबूबंज, डेरवा आदि स्थानों से समर्थक बड़ी संख्या में राजाभैया जिंदाबाद के नारे लगाते बसों से जाते दिखे। सुबह आठ बजे तक लालगंज बाजार में बसों व चार पहिया वाहनों से रैली में जाने वालों की भरमार रही।
राजाभैया के हाथों में रहेगी जनसत्ता की बागडोर
जिले में पिछड़ा या मुस्लिम चेहरे को सौपेंगे दल की कमान
पार्टी में हर वर्ग के लोगों की तय होगी भागीदारी
जान मोहम्मद
प्रतापगढ़। प्रदेश की राजनीति में पार्टी का गठन कर सियासी दलों में हलचल पैदा करने वाले पूर्व मंत्री व कुंडा के निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया जनसत्ता दल की बागडोर खुद संभालेंगे। जिले में पिछड़ा व मुस्लिम चेहरे को पार्टी की कमान साैंपने की भीतर ही भीतर तैयारी पूरी हो चुकी है। हर वर्ग के लोगों को पार्टी में जिम्मेदारी देने की रणनीति बन चुकी है।
वर्ष 1993 में कुंडा से निर्दल विधायक चुने गए रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह, रामप्रकाश गुप्ता, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की सरकार में सूबे के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। कुंडा के अलावा बगल की सीट पर भी उनके समर्थक विनोद सरोज का कब्जा है। वह भी निर्दल ही चुनाव जीतकर हैट्रिक मार चुके हैं। पार्टी के एजेंडे को तय करने के बाद चुनाव आयोग में पार्टी के अधिकृत नाम व निशान के लिए आवेदन भी किया जा चुका है। कुछ ही दिनों में पार्टी कार्यकारिणी का ऐलान होगा। सूत्रों की मानें तो नवगठित जनसत्ता पार्टी की बागडोर खुद राजाभैया के हाथ में रहेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप जल्द ही चुनाव आयोग से मुहर लगेगी। इसके अलावा जिले में पिछड़ा वर्ग या मुस्लिम चेहरे को कमान सौंपने की तैयारी है। जनपद में पार्टी के पदों पर हर वर्ग के लोगों को जिम्मेदारी मिलेगी, ताकि सभी वर्ग के लोगों को पार्टी से जोड़ा जा सके।