बच्चों की सफलता सुंदर राइटिंग (कैलीग्राफी) पर निर्भर करती है। अच्छे लेखन के लिए जरूरी है कि लिखने का कार्य जल्दबाजी में न करके धीमी गति से किया जाए। प्रशिक्षक आभा खंडेलवाल ने बच्चों को सफलता के टिप्स देते हुए कहा कि इससे अधिक से अधिक अंक प्राप्त करने में भी सफलता मिलती है।
शहर के प्रभात एकेडमी में ग्रीष्मकालीन कार्यशाला के दूसरे दिन छात्र-छात्राओं ने सुंदर लेखन, नृत्य और गायन विधा में निपुणता हासिल करने की कला सीखी। कार्यशाला का शुभारंभ डॉ. शाहिदा ने फीता काटकर किया। हर्षित श्रीवास्तव ने नृत्य और गायन की कला को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा कला की एबीसीडी पेट से सीख कर नहीं आता है, बल्कि जिसकी जिस विधा में रुचि होती है, वह उसी विधा में अभ्यास करके निपुण हो जाता है। इसके पूर्व डॉ. शाहिदा ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि गर्मी दिनों में बच्चे अपना ज्ञान बढ़ाने और समय का सदुपयोग करने का अच्छा मौका है। प्रभात एकेडमी के प्रिंसिपल डॉ. प्रभात शर्मा ने प्रशिक्षकों का आभार प्रदर्शित करते हुए कहा कि हमारे जिले के बच्चे अच्छी दिशा में तरक्की करें, इसी विश्वास के साथ कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस मौके पर डॉ. शिवानी मातनहेलिया, शिशिर खरे, शरद केसरवानी, अर्चना त्रिपाठी, सुमन खरे, संगीत दुबे, सपना पांडेय, अपूर्वा पांडेय आदि मौजूद रहे।