नेताजी का प्रचार करने वाले गुरुजी पर गिरेगी गाज
आचार संहिता के उल्लंघन में दो शिक्षक हो चुके हैं निलंबित
शिकायतों की जांच गोपनीय कराने के लिए अफसरों ने कसा शिकंजा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। लोकसभा चुनाव में कूदे नेताजी के प्रचार का जिम्मा उठाने वाले शिक्षकों पर जल्द ही विभाग की गाज गिर सकती है। बेसिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने ऐेसे शिक्षकों की पहचान करने के लिए अपने दूत छोड़ दिए हैं। जो विभाग को गोपनीय रिपोर्ट देने के साथ ही साक्ष्य भी एकत्रित करेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग अभी तक दो शिक्षकों को निलंबित कर चुका है।
नेताओं की कृपा पर नौकरी करने वाले शिक्षकों इन दिनों प्रत्याशियों के प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक प्रत्याशियों के चुनाव का पूरा जिम्मा अपने सिर पर ले लिया है। चुनावी गणित सेट करने के साथ ही जाति वर्ग के लोगों का वोट हथियाने के लिए तरह-तरह के उपाय बता रहे हैं। शिक्षकों की इन हरकतों की शिकायत चुनाव आयोग तक पहुंच गई है। चुनाव आयोग की सख्ती पर शिक्षा विभाग के अफसरों ने अपने करीबियों को भेजकर शिक्षक के खिलाफ पहले साक्ष्य जुटाने के साथ ही जानकारी तलब की है। बेसिक शिक्षा विभाग के आसपुर देवसरा विकास खंड के मिडिल स्कूल गौरामाफी सहायक अध्यापक शौकतअली और बिहार विकास खंड के मिडिल स्कूल बरबसपुर के हेडमास्टर और एनपीआरसी राम सिंह को निलंबित कर दिया है। हालांकि राम सिंह के बचाव में खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को जो रिपोर्ट दी थी वह गलत थी। बीएसए ने अन्य सूत्रों से जांच कराने पर मामला सही निकला और शिक्षक को निलंबित कर दिया।
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स्कूल की चिंता नहीं, प्रचार में झोंकी ताकत
बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में तैनात अध्यापक चुनावी शोर में मस्त हैं। वह करीब दस दिनों से स्कूल को पूरी तरह भूल गए हैं। बीएसए ने बीआरसी पर उपलब्ध किताब बच्चों को बांटने को कहा है। मगर प्रचार में व्यस्त शिक्षक अभी तक बीआरसी से पुस्तक नहीं उठा रहे हैं।
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स्कूल भवन में कमल का फूल बनवाने वालों की हो रही खोज
स्कूल परिसर को रंग-रोगन कराने के नाम पर कमल का फूल बनवाकर पार्टी विशेष का प्रचार करने वाले हेडमास्टरों को चिंहित किया जा रहा है। जहां भी इस तरह की गड़बड़ी मिलती है, उस स्कूल के हेडमास्टर पर गाज गिरना निश्चित है।
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आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले शिक्षकों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। अगर कोई शिक्षक किसी प्रत्याशी का प्रचार करता हुआ मिलता है, तो उसके खिलाफ सीधे निलंबन की कार्रवाई होगी। जिन लोगों की शिकायतें मिली है, उसकी जांच कराई जा रही है।
अशोक कुमार सिंह, बीएसए