दुकानें बंदकर सड़क पर उतरे व्यापारी
मेडिकल कालेज निर्माण को प्रशासन ने जिला अस्पताल के इर्द-गिर्द ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित कीं 60 दुकानें
शहर आए कैबिनेट मंत्री नंदी का किया घेराव, जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन
मेडिकल कालेज निर्माण के लिए दुकानों को चिह्नित करने पर जताया विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। मेडिकल कालेज के निर्माण में आड़े आ रहीं जिला अस्पताल के ईद-गिर्द बनीं दुकानों को ध्वस्तीकरण के लिए चिह्नित करने के विरोध में सोमवार को आक्रोशित व्यापारी सड़क पर उतर गए। दुकानों को बंद कर जिला प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करते हुए व्यापारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। शहर आए कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी का घेराव कर समस्या से अवगत कराया।
जिला अस्पताल व महिला अस्पताल को मिलाकर मेडिकल कालेज का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है। अस्पताल से लगी हुई 60 दुकानों को जिला प्रशासन ने चिह्नित किया है। जिन्हें ध्वस्त कर उस स्थान को मेडिकल कालेज में शामिल किया जाएगा। कई सालों से 58 दुकानदारों ने दुकानों का बैनामा व 2 दुकानों का पट्टा ले रखा है। सभी उस पर काबिज हैं और बराबर नगर पालिका को कर भी देते हैं। दुकान टूटने के विरोध में सोमवार को श्रीराम तिराहे से लेकर स्टेट बैंक तक दुकानदार अपनी दुकानें बंद सड़क पर उतर पड़े। जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए व्यापारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां भी व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए ज्ञापन अतिरिक्त एसडीएम को सौंपा। कटरा रोड पर व्यापारियों ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी को घेरकर ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों का कहना था कि शहरी जमींदारी अबालिशन एक्ट वर्ष 1956 सभी दुकानों पर लागू है। चूंकि चौक घंटाघर से लेकर महिला अस्पताल तक की आबादी घनी व व्यवसायिक है। ऐसे में दुकानों के टूटने से उनका व्यवसाय चौपट हो जाएगा। ऐसे में व्यापारियों के हित में कदम उठाया जाए। मेडिकल कालेज की स्थापना कराई जाए। प्रदर्शन करने वालों में पूर्व अध्यक्ष सरदार मंजीत सिंह छाबड़ा, रहमत उल्ला , मोबीन, अशोक शर्मा, अजीत सिंह, अनिल कुमार, अख्तर राईन, मनीष अग्रवाल, प्रशांत खंडेलवाल, संदीप, असफाक, प्रवेश समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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कैबिनेट मंत्री ने व्यापारियों को दो टूक सुनाया
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी को व्यापारियों ने कटरा रोड पर घेराव कर लिया। व्यापारियों की बात सुनने के बाद नंदी ने कहा कि मेडिकल कालेज से जिले की पहचान बदल जाएगी। शहर का विकास होगा। अभी भले लोगों को इसका लाभ न दिख रहा हो, लेकिन आने ावाले दिनों में मेडिकल कालेज बनने के बाद लोगों को सार्थकता नजर आएगी। वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। सभी लोग मेडिकल कालेज के निर्माण में सहयोग करें। नुकसान की भरपाई होगी।
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नजर नहीं आए व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष
व्यापारियों के प्रदर्शन में सोमवार को व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेंद्र केसरवानी नजर नहीं आए। इस बात की चर्चा होती रही। पूर्व जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह छाबड़ा ने आंदोलन की कमान संभाल रखी। जिलाध्यक्ष राजेंद्र केसरवानी ने बताया कि वह संगठन की बैठक के सिलसिले में लखनऊ आए थे। वह व्यापारियों के साथ हैं। मेडिकल कालेज बनना चाहिए लेकिन व्यापारियों का भी नुकसान न हो।