बिजली से वंचित मजरों को चिह्नित करने में चकराया डाक विभाग
महीने भर के प्रयास के बाद भी अब तक साफ नहीं हो सकी है तस्वीर, अधर में लटका काम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। सौभाग्य योजना के तहत बिजली से वंचित मजरों का विद्युतीकरण अधर में लटक गया है। शासन ने ऐसे मजरों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी डाक विभाग को दी थी, लेकिन माह भर बीतने के बाद भी विभाग अब तक बिजली से वंचित मजरों की सूची नहीं तैयार कर सका है। इससे विद्युतीकरण के कार्य में विलंब हो रहा है।
हर घर को बिजली से रोशन करने के लिए सरक ार ने सौभाग्य योजना का संचालन किया है। कोई भी गांव व मजरा बिजली से वंचित न रहे, इसके लिए विभाग ने योजनाबद्ध तैयारी की है। जिले में सौभाग्य योजना से विद्युतीकरण के लिए 389 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। वहीं विभाग की ओर से मोटे तौर पर बिजली से वंचित मजरों की लिस्ट बनाई गई थी। शासन की ओर से मजरों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी डाक विभाग को दी गई। जिसमें बिजली से वंचित मजरों के साथ ही घर की भी सूची तैयार की जानी है। अभियान करीब एक माह पहले शुरू हुआ। इसके तहत डाक विभाग द्वारा टीमें निर्धारित की गई थीं। लेकिन जिले में बिजली से वंचित मजरों व घरों को चिह्नित करने में डाक विभाग के कर्मचारियों को पसीना छूट रहा है। मजरों, पुरवों व ग्राम पंचायतों की सूची बनाने में वह चक्कर खा रहे हैं। इसके अलावा घरों की सूची बनाने में उन्हें दिक्कत हो रही है। यही कारण है कि महीने भर बाद भी अभी सूची तैयार नहीं हो सकी है। जिले में बिजली से वंचित मजरों की अब तक तस्वीर साफ नहीं हो सकी है। ऐसे में सौभाग्य योजना के तहत विद्युतीकरण का कार्य अब तक नहीं शुरू हो सका है। अधीक्षण अभियंता एसके सिंह ने बताया कि डाक विभाग की ओर से अभी तक कोई रिपोर्ट मुझे नहीं मिली है।