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सगरासुंदरपुर में पुलिस से भिड़े युवक, लाठीचार्ज

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सगरासुंदरपुर में पुलिस से भिड़े युवक, लाठीचार्ज
भाग निकले बवाली, दुर्गा प्रतिमा लेकर लौटते समय दो गुटों में होने लगी थी मारपीट
रुपये को लेकर शुरू हुई थी कहासुनी, पुलिस ने पंडाल तक पहुंचाई दुर्गा प्रतिमा
अमर उजाला ब्यूरो
सगरासुंदरपुर। दुर्गा प्रतिमा लेकर जा रहे गांव के दो गुटों के बीच रुपये को लेकर विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। खबर मिलने पर पहुंची पुलिस बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग करने लगी। इस बीच बवाली युवक पुलिस से भी भिड़ गए। बवाल बढ़ते देख पुलिस ने लाठियां भांजना शुरू कर दिया। इस पर सभी भाग निकले। कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दुर्गा प्रतिमा को पुलिसकर्मियों ने पंडाल तक पहुंचाया। बवाल की आशंका को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात है।
लालगंज कोतवाली के रामपुर भेडिय़ानी के ग्रामीण मंगलवार को लालगंज कस्बे से मां दुर्गा की प्रतिमा ट्रैक्टर से लेकर गांव लौट रहे थे। सगरासुंदरपुर बाजार में रुपये के लेनदेन को लेकर बृजेंद्र मौर्य और लल्ला सरोज के बेटे के बीच कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते बृजेंद्र पक्ष के लोगों ने लल्ला के बेटे को पीट दिया। जिसके बाद दोनों पक्ष ट्रैक्टर से नीचे उतर गए। अभी मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर ट्रैक्टर लक्ष्मणपुर की ओर मुड़ा ही था कि लल्ला सरोज पक्ष के युवक भी पहुंच गए। वह लोग बृजेंद्र के बेटे को पीटने लगे। बाजार में मौजूद पुलिसकर्मी भागकर मौके पर पहुंचे और हमलावरों को हटाने लगे। प्रत्यक्षदशयों की मानेें तो मारपीट करने वाले युवक उनसे भी भिड़ गए। नौबत हाथापाई तक पहुंचती इससे पहले ही पुलिस ने लोगों को लठियाना शुरू कर दिया। जिससे भगदड़ मच गई। बवाली युवक भाग निकले। मारपीट में घायल एक युवक को पुलिस ने सीएचसी भेजा। घटना की जानकारी मिलने पर डायल 100 समेत लालगंज पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दुर्गा प्रतिमा को पंडाल तक पहुंचाया जा सका। लालगंज कोतवाल ने बताया कि अभी किसी ने तहरीर नहीं दी है। बवाल की आशंका को देखते हुए गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
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जांच करने फिर धमकी सीबीआई
एएसपी की अगुवाई में टीम ने क्राइम सीन का बनाया डेमो
होटल वैष्णवी के मैनेजर और डाक्टर से होती रही पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। इंस्पेक्टर अनिल हत्याकांड की जांच करने के लिए मंगलवार की शाम फिर सीबीआई आ धमकी। सीबीआई के एएसपी की अगुवाई में आई टीम ने घटनास्थल पर क्राइम सीन तैयार कर डेमो बनाया। होटल के मैनेजर व डाक्टर से कई घंटे तक पूछताछ करने के बाद निकल गई।
नगर कोतवाली में तैनात रहे इंस्पेक्टर अनिल कुमार की शहर के होटल वैष्णवी में 19 नवंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस अफसरों ने इंस्पेक्टर की हत्या को चांस किलिंग माना था। इस मामले में पुलिस ने पल्टन बाजार के रहने वाले जीशान और बोचा सोनी को जेल भेजा था। इंस्पेक्टर अनिल के परिजन इसे चांस किलिंग मानने को तैयार नहीं थे। पत्नी व भाई विनोद ने तत्कालीन एसपी और पूर्व कोतवाल बलिराम मिश्रा के ऊपर हत्या की साजिश की आशंका जताई थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर लखनऊ सीबीआई मुख्यालय पर केस दर्ज करने के बाद 12 जुलाई को सीबीआई के एएसपी आरएन मिश्रा की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम ने तीन दिनों तक छानबीन की थी। घटनास्थल का अवलोकन करने के अलावा पूछताछ भी की थी। मंगलवार की शाम को फिर सीबीआई की टीम एएसपी की अगुवाई में घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने पहुंचते ही केबिन में मौजूद डाक्टर से पूछताछ शुरू कर दी। फिर मैनेजर अमित सिंह को बुलाया गया। इसके बाद टीम ने मैनेजर से पूछताछ करते हुए 19 नवंबर की रात हुई घटना का क्राइम सीन का खाका खींचा। कई बार रिहर्सल के बाद डेमो बनाया जा सका। इस दौरान फायरिंग की आवाज सुनते हुए इंस्पेक्टर अनिल को होटल के कमरे से उतरते हुए सीढ़ी पर गोली लगने और हत्यारोपियों की फायरिंग वाले स्थल को दर्शाया गया। जिसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रेही। इसके बाद टीम वहां से रवाना हो गई।
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होटल की जगह अब खुल गया है अस्पताल
सीबीआई टीम को इंस्पेक्टर अनिल की हत्या का क्राइम सीन तैयार करने में दिक्कत का सामना करना पड़ा। पहले होटल था, अब वहां पर अस्पताल संचालित हो रहा है। जिस कमरे में इंस्पेक्टर रुके थे,्र वहां मरीज भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में सीबीआई टीम ने डाक्टर व कर्मचारियों के मोबाइल भी कब्जे में ले लिए। अस्पताल संचालक ने बताया कि घटना के एक साल बाद वह किराए पर होटल को लिए हैं। तब सीबीआई ने एग्रीमेंट का पेपर तलब कर लिया।
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पुलिस को नहीं लगी भनक
पिछली बार सीबीआई ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोतवाली से फोर्स मांगी थी। इस बार सीबीआई की टीम ने पूरी तरह पुलिस से दूरी बनाए रखी थी। नगर कोतवाल तो दूर चौकी प्रभारी को सीबीआई आने की भनक तक नहीं लगी।
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