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एससीएसटी मुकदमे को लेकर अधिवक्ताओं ने की तालाबंदी, सौंपा ज्ञापन

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साथी पर एससीएसटी का केस दर्ज होने और विपक्षियों के खिलाफ सीओ के आश्वासन के बाद भी कार्रवाई न होने से नाराज अधिवक्ताओं ने सोमवार को तहसील में तालाबंदी करते हुए हड़ताल कर दी। सभी कार्यालयों को बंद कराने के बाद नारेबाजी करते रहे। उधर, एससीएसटी मुकदमे को लेकर 25 सितंबर को एक अधिवक्ता ने आत्मदाह करने का ऐलान किया है।
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संग्रामगढ़ के कुसेमर निवासी अधिवक्ता सोमप्रकाश द्विवेदी के परिजनों के साथ खड़ंजा लगाने को लेकर मारपीट की गई थी। आरोप है कि बाद में इस मामले को दबाने के लिए उन पर फर्जी एससीएसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया गया। इस मामले को लेकर कुछ दिन पहले तहसील में अधिवक्ताओं ने तालाबंदी करते हुए ज्ञापन सौंपा था। इसमें अधिवक्ता सोमप्रकाश ने मुकदमा खत्म न करने पर 25 सितम्बर को आत्मदाह करने का ऐलान किया था। उधर, हथिगवां थाना क्षेत्र के महरूपुर निवासी अधिवक्ता दिलीप सरोज को हथिगवां पुलिस उठा ले गई। इस मामले में सीओ के आश्वासन पर उनके विपक्षियों पर मुकदमा लिखने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक मुकदमा न लिखे जाने से अधिवक्ता नाराज थे।

दोनों मामलों को लेकर तहसील में फिर से अधिवक्ताओं ने तालाबंदी करते हुए हड़ताल कर दी। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सीओ से मिलकर मुकदमा दर्ज करने सहित अधिवक्ता के पुत्र पर से एससीएसटी एक्ट का मुकदमा हटाए जाने की मांग की। इस दौरान अध्यक्ष तीर्थराज मिश्र, महामंत्री रमाकांत त्रिपाठी, विजय कुमार तिवारी, केके सिंह, संजय पांडेय, शीतला प्रसाद यादव, शीतला प्रसाद केशरवानी, विमलेश कुमार पांडेय, श्यामलाल सरोज, प्रवीण कुमार, श्रीकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।
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