प्रतापगढ़। जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष पद पर भाजपा ने अपनी नजरें टिका दी है। भाजपा ने सक्रियता दिखाते हुए समितियों के चुनाव में दखल देने की तैयारी कर ली है। 30 जनवरी को डेलीगेटों के होने वाले चुनाव में पार्टी ने कद्दावर नेताओं को स्थान देने की तैयारी कर ली है।
महत्वपूर्ण माना जाने वाला जिला सहकारी संघ अध्यक्ष पद का चुनाव जून 2019 में होना है, मगर इनका चयन करने वाले डेलीगेटों का चुनाव 30 जनवरी को होगा। जिले की 267 समितियों पर होने वाले चुनाव के लिए कार्यक्रम घोषित हो चुका है। दरअसल जिला सहकारी संघ अध्यक्ष पद सत्ता में काबिज नेताओं के करीबियों के पास होता है। सपा शासनकाल में कुंडा विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया के करीबी डॉ. कैलाशनाथ ओझा की जीत हुई थी। जो वर्तमान में अध्यक्ष के रूप में तैनात हैं। बसपा कार्यकाल में शिवप्रकाश मिश्र सेनानी की पत्नी सिंधुजा मिश्र का कब्जा था। इस वर्ष सूबे में भाजपा पूर्ण बहुमत में हैं, तो वह अध्यक्ष की कुर्सी पर अपने करीबी को बैठाना चाह रही है। फिलहाल समितियों के चुनाव में भाजपा जिस प्रकार हस्तक्षेप कर रही है, उससे लगता है कि वह अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जा चाहती है।
समितियों के चुनाव के लिए 15 जनवरी को मतदाताओं की अनंतिम सूची जारी होने के बाद आपत्त्यिां और दावे निस्तारण के साथ ही 29 जनवरी को प्रबंध समितियों के सदस्यों और 30 जनवरी को सभापति और डेलीगेटों का चुनाव होनेा है। यही डेलीगेट जिला सहकारी संघ के अध्यक्ष का चुनाव करते हैं। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि किसानों तक सुविधाएं पहुंचाने का सशक्त माध्यम साधन सहकारी समितियां हैं, पार्टी हाईकमान के निर्देश पर इस वर्ष साधन सहकारी समितियों के चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जा रहा है। मेरा प्रयास होगा कि अध्यक्ष की कुर्सी पर पार्टी का ही कोई व्यक्ति बैठे। जो किसानों के हित की बातें कर सके।