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शहर में 28 किमी बिछेगी सीवर लाइन

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शहर में 28 किमी बिछेगी सीवर लाइन
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59 करोड़ रुपये की जलनिगम ने की मांगी धनराशि
अभी मुख्य मार्गों पर नहीं बिछ सकी है सीवर लाइन
शहर में बनने के लिए करीब 12 सालों से स्वीकृत सीवर लाइन बनकर तैयार नहीं हो सकी। कच्छप गति से चलने वाला निर्माण करीब साल भर से थमा है। जलनिगम बजट का रोना रहा था। अब फिर से जलनिगम ने शासन से 25 किमी नई सीवर लाइन बिछाने व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की मरम्मत के लिए 29 करोड़ रुपये धनराशि की मांग की है।
करीब बारह साल पहले सपा सरकार ने शहरियों को सीवर लाइन की सौगात दी थी। सपा सरकार में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू हो गया लेकिन सीवर लाइन बिछाने का काम बसपा सरकार में प्रारंभ हुआ था। सरकारें बदलती गई लेकिन सीवर लाइन का निर्माण पूरा नहीं हो सका। हर साल जलनिगम के अफसर आश्वासन देते रहे कि जल्द ही निर्माण पूरा हो जाएगा और सीवर लाइन काम करने लगेगी। मौजूदा समय में भी सीवर लाइन का काम पूरा नहीं हो सका। अभी भी मुख्य मार्ग पर करीब दो किमी लाइन बिछाई जानी बाकी है। इसके लिए विभाग के पास रुपये नहीं है। सांसद संगमलाल गुप्ता ने सीवर लाइन का मामला संसद में भी उठाया था। जिसके बाद जलनिगम विभाग के साथ ही आला अधिकारी भी हरकत में आए। अब जलनिगम की ओर से शासन को पत्र भेजकर धनराशि की मांग की गई है। ताकि सीवर लाइन का रिमाडलिंग हो सके। फेस वन में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट व मुख्य मार्गों पर सीवर लाइन बिछाने का काम होना था। दूसरे फेस में मोहल्लों में लाइन बिछाई जानी थी। नया सर्वे करने के बाद जलनिगम की ओर से शासन से 59 करोड़ रुपये धनराशि की मांग की गई है ताकि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट दुरुस्त कराने के साथ ही मोहल्लों में सीवर लाइन बिछाई जा सके। शहर में अभी करीब 28 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है। इसके लिए शासन से भी विभाग को पत्र भेजा गया था। अब देखना यह है कि सरकार शहरियों को राहत दिलाने के लिए जलनिगम को धनराशि मुहैया कब कराती है। ताकि लोगों को सीवर लाइन का लाभ मिल सके।
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धनराशि मिलने के बाद फिर शुरू होगा काम
जलनिगम को शासन से बजट मिलने का इंतजार है। धनराशि मिलने के बाद विभाग सीवर लाइन निर्माण की दिशा में आगे काम करेगा। धनराशि के लिए लगातार विभाग शासन से पत्राचार कर रहा है। खास बात यह है कि प्रथम चरण का काम भले ही पूरा न हो पाया हो। विभाग के पास शासन से मिला बजट नहीं है। विभाग मोहल्ले की गलियों में लाइन बिछाने के बाद मकानों का कनेक्शन होगा। ताकि शौचालयों का गंदा पानी नालों के जरिए नदियों तक न पहुंचे।
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सीवर लाइन रिमाडलिंग के लिए शासन को 59 करोड़ रुपये की धनराशि के लिए पत्र भेजा गया है। अभी शहर में 28 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है। - वीपी चौबे, अवर अभियंता जलनिगम
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