27.66 लाख खर्च, सिविल लाइंस की नहीं बदली सूरत
- आंबेडकर चौराहे से शहीद उद्यान फुटपाथ पर लगी टाइल्स जगह-जगह हो गईं क्षतिग्रस्त
- ऑफीसर्स कॉलोनी के पार्क में लगाई रेलिंग तक ही सीमित रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। शहर के सिविल लाइंस को चमकाने के लिए साल भर पहले करीब 27.66 लाख रुपये नगर पालिका ने खर्च कर दिए। मगर कुछ दिनों में ही हालत पहले की तरह होती जा रही है। फुटपाथ पर लगी टाइल्स क्षतिग्रस्त होती जा रही हैं। ऑफीसर्स कॉलोनी परिसर में बने पार्क में रेलिंग तो लगी लेकिन उसकी सूरत बदली नहीं जा सकी।
नगर पालिका ने सिविल लाइंस में आंबेडकर चौराहे से शहीद उद्यान तक सड़क के दोनों किनारे लोगों के पैदल चलने के लिए करीब साल भर पहले 27.66 लाख रुपये खर्च कर फुटपाथ का निर्माण कराने के बाद रेलिंग लगवाई थी। सिविल लाइंस इलाके को चमकाने के लिए फुटपाथ पर टाइल्स भी लगाई गई थीं। डिवाइडर की रंगाई-पुताई के साथ सड़क की मरम्मत भी कराई गई थी। प्रकाश की व्यवस्था के तहत एलईडी लाइटें भी लगवाई गई थीं।
इसी मार्ग पर ऑफीसर्स कॉलोनी पार्क में रेलिंग लगवाने के बाद किनारे-किनारे इंटरलॉकिंग भी कराई गई थी, ताकि लोग पार्क के चारों ओर चक्कर लगा सकें। हालत यह है कि पार्क का फुटपाथ बनने के बाद उसकी सूरत नहीं बदली जा सकी। मौजूदा समय में पार्क में झाड़ियां हैं। फुटपाथ की इंटरलाॅकिंग भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर फुटपाथ की क्षतिग्रस्त टाइल्स सिविल लाइंस की चमक को धुंधला कर दिया है। दिन रात इस मार्ग से नगर पालिका व जिला प्रशासन के अफसर गुजरते हैं, लेकिन उनकी नजर इस पर नहीं पड़ रही है।
ईओ राम अचल कुरील ने बताया कि जल्द ही क्षतिग्रस्त टाइल्स बदलवाने के साथ ही पार्क की सफाई कराई जाएगी।
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कहां खेलने जाएं बच्चे, पार्क की सफाई कराना भी भूले
ऑफीसर्स कॉलोनी में बदहाल पार्क के चलते अधिकारी व कर्मचारियों के बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि यदि पार्क की सफाई करा दी जाए तो बच्चे सुबह शाम खेलकूद सकते हैं। कई बार बदहाल पार्क को दुरुस्त करने के लिए भी नगर पालिका के जिम्मेदारों से शिकायत की गई लेकिन अभी तक समस्या दूर नहीं हो सकी।
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हटाई गई थीं सब्जी की दुकानें
सिविल लाइंस को चमकाने के लिए नगर पालिका ने लाखों रुपये खर्च कर फुटपाथ पर टाइल्स व रेलिंग का निर्माण कराया गया। इसके बाद सब्जी की दुकानें लगाई जाती रहीं। जिससे फुटपाथ से लेकर सड़क तक गंदगी फैली रहती थी। बाद में सब्जी की दुकानों को नगर पालिका ने हटवा दिया। इसकी बराबर निगरानी भी की जा रही है, लेकिन दुकानदार हैं कि मानते नहीं।