प्रतापगढ़। ग्राम पंचायत सदस्य का पद महत्वहीन समझकर 2612 पदों के लिए कोई आवेदन ही नहीं करने आया। जबकि 4,125 पदों पर एक-एक प्रत्याशियों के नामांकन करने से उनका निर्विरोध चयन होना निश्चित हो गया है। इधर, बीडीसी सदस्य के 24 वार्डों पर निर्विरोध चयन होने की संभावना प्रकट की जा रही है। फिलहाल, यह स्थिति रविवार को साफ हो जाएगी।
जिले के 1193 ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत सदस्यों 14,917 पद सृजित है। सात और आठ अप्रैल को हुए नामांकन में कुल 12,305 सदस्यों ने ही आवेदन किया है। इस प्रकार देखा जाय तो लगभग 2612 से अधिक पद ऐसे हैं, जिन पर किसी प्रत्याशी ने नामांकन ही नहीं किया है। नामांकन करने वाले 4,125 पदों पर एक-एक प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। इससे इन प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना निश्चित हो गया है। फिलहाल, रविवार को स्थिति साफ होगी।
हालांकि जिला प्रशासन अभी यह आंकड़ा प्रस्तुत करने में नाकाम है कि जिले में ग्राम पंचायत सदस्यों के कितने पदों के लिए प्रत्याशियों ने आवेदन किया है और कितने पदों पर आवेदन नहीं किया है। बीडीसी सदस्य पद के 1434 वार्डों के लिए 6828 प्रत्याशियों ने आवेदन किया है। मगर, जिले में 24 वार्ड ऐसे हैं, जिसमें महज दो-दो प्रत्याशी मैदान में हैं। रविवार को इसमें से एक प्रत्याशी के पर्चा वापस लेने से उनका निर्विरोध चयन होना निश्चित हो जाएगा।
स्क्रीन को निहारते रहे मतदानकर्मी, प्रोजेक्टर से हुई ट्रेनिंग
प्रतापगढ़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगे मतदानकर्मियों को प्रोजेक्टर से मतपेटिका सील करने और मतदान की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। ट्रेनिंग करने आए कर्मचारियों ने पार्टी में शामिल लोगों को मोबाइल नंबर लिया और ब्लाक में मिलने का वादा किया। अब पोलिंग पार्टियों की दूसरी मुलाकात 18 अप्रैल को ब्लाक मुख्यालयों पर होगी।
जिले के 3667 बूथों पर तैनात होने वाले मतदानकर्मियों का प्रशिक्षण शुक्रवार को जारी रहा। पंचायत चुनाव में प्रतिभाग करने वाले कर्मचारियों को इस वर्ष एक बार ही ट्रेनिंग दी जा रही है। जबकि पूर्व के चुनावों में दो चरणों में ट्रेनिंग दी जाती थी। शहर के जीआईसी और संत एंथोनी इंटर कालेज को प्रशिक्षण स्थल बनाया गया है। संत एंथोनी में शुक्रवार को दोनों पालियों में दो हजार और जीआईसी में दोनों पॉलियों में सोलह सौ मतदानकर्मियों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। दोनों प्रशिक्षण केंद्रों में मतदान कर्मियों को प्रोजेक्टर से प्रशिक्षण दिया गया।