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ढाबे से निकलते ही समीर को एसटीएफ ने दबोचा

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25 हजार के इनामी समीर को एसटीएफ ने दबोचा
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अधिवक्ता का दूसरा हत्यारोपी मुस्तफा एसटीएफ के हाथ से फिसला, रात भर खाक छानती रही एसटीएफ
प्रयागराज में चल रही पूछताछ, शातिर बदमाश तौसीम का भाई है समीर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। अधिवक्ता ओम मिश्र के हत्यारोपी समीर को ढाबे से मोहनगंज के लिए निकलते ही रानीगंज अजगरा के करीब एसटीएफ ने दबोच लिया। एक टीम उसे लेकर प्रयागराज चली गई। दूसरी टीम अजगरा बाजार में रात भर डेरा जमाए रही। फरार आरोपी मुस्तफा करीब आने के बाद भी एसटीएफ के जाल में नहीं फंसा। वह एसटीएफ की घेराबंदी देख भाग निकला। शातिर बदमाश तौसीम के भाई समीर से एसटीएफ प्रयागराज में पूछताछ कर रही है। हालांकि अभी पुलिस अधिकारी समीर की गिरफ्तारी से इनकार कर रहे हैं।
महेशगंज के कलिकापुर ढिंगौसी निवासी अधिवक्ता ओम मिश्र की 15 जुलाई को जेठवारा के सोनपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नामजद हत्यारोपियों की तलाश में पुलिस व एसटीएफ की टीमें लगी थीं। जेठवारा पुलिस ने नामजद आरोपी रऊफ और महेंद्र यादव को दबोच लिया था। बाद में फरार 25 हजार के इनामी समीर व मुस्तफा की तलाश में एसटीएफ और जेठवारा पुलिस लग रही। इस बीच समीर के रिश्तेदारों पर जेठवारा पुलिस का दबाव काम आया। सूत्रों की मानें तो जेठवारा पुलिस को सरेंडर करने के लिए निकले समीर को मोहनगंज पहुंचने से पहले ही एसटीएफ प्रयागराज की टीम ने अजगरा के करीब ढाबे से बाहर आते ही दबोच लिया। उसे दबोचने के बाद एसटीएफ की एक टीम उसे लेकर प्रयागराज निकल गई। जबकि दूसरी टीम अजगरा के इर्द-गिर्द डेरा डाले रही। समीर से पूछताछ व दूसरों से बातचीत कराने के बाद एसटीएफ मुस्तफा को भी दबोचने की तैयारी में घेराबंदी कर अजगरा में डट गई। चर्चाओं पर यकीन करें तो मुस्तफा बाजार के करीब आया जरूर, लेकिन उसे एसटीएफ की मौजूदगी की भनक लग गई। जिसके बाद वह भाग निकला। उसकी तलाश में एसटीएफ रात भर आसपास खाक छानती रही।
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जेठवारा एसओ की मोबाइल पर हुई बात से हो गई चूक
अधिवक्ता ओम मिश्र के हत्यारोपी समीर की तलाश में लगी एसटीएफ भी कई जिलों का भ्रमण कर लौटी थी। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ को मालूम हो गया था कि समीर के रिश्तेदारों से जेठवारा थानाध्यक्ष की सरेंडर को लेकर बातचीत चल रही है। जिसके चलते जेठवारा एसओ का नंबर भी सर्विलांस पर लगा दिया गया। रिश्तेदारों से हुई बातचीत की जानकारी एसटीएफ को लग गई और उन लोगों ने समीर को दबोच लिया।
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समीर से पूछताछ में नहीं मिला ओम की हत्या का राज
अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या में नामजद आरोपी समीर शातिर बदमाश तौसीम निवासी बेलाही का छोटा भाई है। समीर से लगातार एसटीएफ पूछताछ कर रही है, लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में समीर बार-बार यही कहता रहा कि उसे फंसाया गया है। अधिवक्ता के परिवार से जमीन को लेकर रंजिश चली आ रही थी। हत्या में उसका हाथ नहीं है। उससे पूछताछ हो रही है।
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