पुलवामा की घटना के चलते रामाग्रह यात्रा स्थगित
तैयारियों पर फिरा पानी, निराश हुए रामभक्त
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। पुलवामा की घटना से व्यथित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने राम जन्मभूमि रामाग्रह यात्रा और शिलान्यास का कार्यक्रम ऐन वक्त पर स्थगित कर दिया है। इससे किशोरी सदन में होने वाली धर्मसभा की तैयारियां काफूर हो गर्इं। इधर प्रचार-प्रसार के लिए आए शंकराचार्य के शिष्य दोपहर में ही वाराणसी के लिए रवाना हो गए।
अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि में मंदिर निर्माण के लिए 21 फरवरी को शिलान्यास की घोषणा करने वाले जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पुलवामा की घटना से व्यथित होकर राष्ट्रहित में ऐन वक्त पर अपना कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। शहर के किशोरी सदन में रविवार धर्मसभा करने की तैयारी थी। कार्यक्रम के संयोजक ओमप्रकाश पांडेय अनिरुद्ध रामानुजदास की देखरेख में होने वाली तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा था। भारी-भरकम मंच तैयार करने के साथ ही पूरे परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। अचानक कार्यक्रम स्थगित होने की खबर आते ही तैयारियों को विराम देने के साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए आए शंकराचार्य के शिष्य वाराणसी के लिए रवाना हो गए। धर्मसभा और अयोध्या कूच करने के लिए जिले से बड़ी संख्या में रामभक्त अयोध्या जाने की तैयारी में थे। कार्यक्रम स्थगित होने से रामभक्तों के हाथ निराशा लगी है। हालांकि जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि श्रीरामजन्मभूमि के शिलायांस करना सामयिक और आवश्यक भी है, मगर देश में उत्पन्न हुई इस आकस्मिक परिस्थिति के आलोक में हम यात्रा को कुछ समय स्थगित करने का निर्णय ले रहे हैं। नया मुहूर्त निकालकर कार्यक्रम का निर्धारित किया जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी पर धरना-प्रदर्शन
न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं खाली कराया अवैध कब्जा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के कुंडा इलाके के नरई गांव में हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन के अवैध कब्जा नहीं हटाने के नाराज ग्रामीण कचहरी में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मगर अधिकारी हैं कि वह सुनने तो तैयार ही नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व प्रधान ने चारागाह और खलिहान की जमीन को बेचकर अवैध निर्माण करा दिया है।
जिले के रामपुरसंग्रामगढ़ इलाके के नरई गांव के लोगों ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद की खंडपीठ लखनऊ में जनहित याचिका दायर गांव की सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की थी। कोर्ट ने एक फरवरी को अपना आदेश सुनाते हुए जिला प्रशासन से अविलंब अवैध कब्जा हटवाने को कहा था। मगर जिला प्रशासन की चुप्पी से नाराज ग्रामीण कचहरी में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। धरने पर बैठे गोविंद प्रसाद तिवारी, सुमन सिंह, हरिश्चंद्र , सूर्यबली का आरोप है कि कुंडा तहसील के अधिकारी दबाव में अवैध कब्जा खाली नहीं करवा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि जब तक न्याय नहीं मिलता है आन्दोलन जारी रहेगा।