प्रतापगढ़। जिले में विद्युत विभाग सौभाग्य योजना के तहत नि:शुल्क कनेक्शन बांटने में जुटा है, लेकिन खराब फीडर उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं। शहर के चिलबिला, रानीगंज, सागीपुर, बिहार सहित कई फीडर ऐसे हैं, जो आए दिन फुंके रहते हैं। जिससे सैकड़ों गांवों की विद्युत आपूर्ति बाधित होती है। उपभोक्ताओं को इससे खासी मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। मगर विभाग इससे अनजान कनेक्शन बांटने में जुटा है।
तमाम योजनाओं के बाद भी जिले में अभी भी हजारों घर ऐसे हैं जो अभी तक बिजली की रोशनी से वंचित हैं। ऐसे घरों को रोशनी से आबाद करने के लिए विभाग ने सौभाग्य योजना शुरू की है। विभाग जगह-जगह कैंप लगाकर मुफ्त कनेक्शन वितरित कर रहा है। मजे की बात यह है कि जिले में विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के नाम पर महज कोरम पूरा किया जा रहा है। न तो फीडर दुरुस्त किए जा रहे हैं और न ही उनकी क्षमता वृद्धि की जा रही है। विभागीय सूत्रों की मानें तो रानीगंज, सांगीपुर, चिलबिला, पट्टी, पांडेयतारा, बेलखरनाथ, खाखापुर सहित ऐसे दर्जन भर से अधिक फीडर हैं जो खराब हो चुके हैं। विभाग इन्हें दुरुस्त कराने के बजाए किसी तरह जुगाड़ के सहारे उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति कर रहा है, जिससे आए दिन इनके फुंकने का सिलसिला जारी है और उपभोक्ताओं को विद्युत संकट से जूझना पड़ रहा है। इस बारे में एक्सईएन सत्य प्रकाश मिश्र ने बताया कि फीडर क्षमता वृद्धि का कार्य किया जा रहा है, ऐसे फीडरों को चिन्हित किया जा रहा है, जल्द ही इन्हें दुरुस्त कराया जाएगा।
सौभाग्य योजना के तहत 74 हजार कनेक्शन बांटने का लक्ष्य रखा गया है। इस महात्वाकांक्षी योजना से यह तो तय है कि हर घर तक बिजली पहुंच जाएगी। गरीबों को भी नि: शुल्क कनेक्शन का लाभ मिल जाएगा। मगर इतने कनेक्शन देने के बाद खराब फीडरों को संभालना मुश्किल हो जाएगा। इससे आपूर्ति व्यवस्था चरमरा जाएगी। विभागीय सूत्रों की मानें तो जिले के पांच फीडर ऐसे हैं जिन पर पांच उपकेंद्रों का भार है। सांगीपुर, पट्टी, रानीगंज, बिहार ऐसे फीडर हैं जिन पर पांच-पांच उपकेंद्रों का भार है। ये फीडर आए दिन फुंके रहते हैं। जरूरत है कि इनके लोड को कम करने की। सब कुछ जानते हुए भी विभागीय अधिकारी अनजान बने हुए हैं। जामताली प्रतिनिधि के अनुसार खाखापुर, बेलखरनाथ, तौकलपुर, पांडेयतारा रानीगंज क्षेत्र के फीडर ऐसे हैं, जो आए दिन फुं कते हैं।