रानीगंज। रानीगंज नगर पंचायत की बैठक में एक करोड़ रुपये से विकास कार्य कराने का प्रस्ताव पास हुआ। तैयार कार्ययोजना पर सदस्यों ने अपनी मुहर लगाई। हालांकि कुछ सदस्यों ने लिपिक के विरोध में बैठक का बहिष्कार भी किया। उनका आरोप था कि लिपिक ने उनके प्रस्तावों को कार्ययोजना में शामिल नहीं किया। उसे नगर पंचायत से हटाया जाए।
शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ चुकी नगर पंचायत रानीगंज की बैठक शनिवार को बुलाई गई। नगर पंचायत कार्यालय में बोर्ड की बैठक में सभासद पहुंचे जरूर, लेकिन कई सदस्यों ने यह कहते हुए बैठक से दूरी बना ली कि लिपिक प्रशांत सिंह को हटाया जाए। वह मनमाने तरीके से कार्य करता है। पूर्व में सदस्यों के प्रस्तावों को शामिल नहीं किया। ऐसे बाबू के रहते उन लोगों के क्षेत्र में विकास नहीं हो पाएगा। चेयरमैन मीरा गुप्ता सभी को समझाने बुझाने का प्रयास करती रहीं, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं हुए। सदन की बैठक से रीता देवी, शहजाद, किरन मिश्रा, सबीना खातून, समा बेगम, मुन्ना बिंद, मुकीम, नदीम अहमद, अमरपाल यादव, अशोक कुमार यादव बाहर निकल गए। दस सदस्यों की मौजूदगी में बोर्ड की बैठक प्रारंभ हुई। जिसमे नगर पंचायत का सीमा विस्तार, नगर पंचायत भवन निर्माण, नगर पंचायत की आय बढ़ाने के लिए गृहकर, विद्युत व्यवस्था, मोबाइल शौचालय, नाली, सीसी रोड, इंटरलाकिंग, वाटर टैंक,, कूड़ा डंपिंग प्वाइंट, आवास, शौचालय समेत अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई।
सभी प्रस्तावों को बैठक में मौजूद सदस्यों ने पारित कर दिया। बैठक में शामिल होने पहुंचे रानीगंज विधायक अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा ने कहा नगर पंचयात को आदर्श नगर पंचायत बनाऊंगा। इस कस्बे की हर गलियों में लाइट, बिजली, पानी के साथ कस्बे के हर भूमिहीन को जमीन के साथ आवास व शैाचालय दिया जाएगा। अधिशासी अधिकारी जेपी मौर्या ने सभासदों के प्रस्तावों को कार्य योजना में शामिल करने का भरोसा दिलया। बैठक में अजय ओझा, नीरज ओझा, विक्रम सिंह, लवकुश, मुन्ना बिन्द, सावित्री पटेल, रंजीत कुमार, अविनाश मिश्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे।