विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम पारुल वर्मा ने शनिवार को नाबालिग सौतेली पुत्री से दुष्कर्म के आरोप में दोषी पाते हुए राकेश निवासी थाना कोतवाली नगर को 20 वर्ष कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को चिकित्सकीय, मानसिक तथा पुनर्वास के लिए दी जाएगी। राज्य की ओर पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेश चंद्र त्रिपाठी ने की।
कोतवाली नगर की वादिनी मुकदमा ने बताया कि नौ सितंबर 2019 की रात 10 बजे उसके पति ने शराब के नशे में धुत होकर दस वर्षीय सौतेली पुत्री से दुष्कर्म की कोशिश की। रात के अंधेरे में छेड़खानी करते हुए बेटी से क्रूरता की। बेटी जब दर्द से चिल्लाने लगी तब वादिनी लाइट जलाकर देखा तो दंग रह गई। पति ने उसे व बेटी को गैस की पाइप से गला दबाकर मारने का प्रयास किया। वादिनी मुकदमा ने बताया कि बेटी पिछले तीन साल से पिता द्वारा यौन शोषण का शिकार होती रही। जिस पर उसने मुकदमा दर्ज कराया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषी राकेश को 20 वर्ष कारावास व 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।