शासन ने एक स्वयं सहायता समूह में 20 महिलाओं को शामिल करने की मंजूरी दी है। संख्या अधिक होने से महिलाओं को आजीविका मिशन से रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। अभी तक स्वयं सहायता समूह में 11 महिलाओं को ही जोड़ने का आदेश था।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में शासन ने एक कदम और बढ़ाया है। शासन ने 15 हजार स्वयं सहायता समूह का गठन कर 1.50 लाख महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य जारी किया है। डीसी एनआरएलएम देव कुमार ने बताया कि महिलाओं की संख्या अधिक होने से समूह सशक्त होंगे। छोटी-छोटी बचत करने वाली महिलाएं अब अधिक पूंजी एकत्र कर सकेंगी। आजीविका मिशन से भी रोजगार के साधन उपलब्ध कराए जाएंगे।