सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लापरवाह 20 चिकित्सकों का एक माह और 12 चिकित्सकों का दो दिन का वेतन रोक दिया। ये चिकित्सक अपनी ड्यूटी में लगातार लापरवाही बरत रहे थे।
जिले में 29 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 5 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच अतिरिक्त पीएचसी का संचालन हो रहा है। चिकित्सकों की लापरवाही के चलते ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो चुकी हैं। कई बार सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ला ने अस्पतालों का निरीक्षण कर लापरवाह चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को चेतावनी दी थी। हिदायत के बाद भी चिकित्सक लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे थे। ऐसे में सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात डॉ. वंदना सिंह, डॉ. भावना, डॉ. मकसूद, डॉ. मोहम्मद सैफ, डॉ. कृष्णगोपाल,
डॉ. विकास, डॉ. अर्चना, डॉ. प्रदीप तिवारी, डॉ. एमपी सिंह, डॉ. प्रितिका श्रीवास्तव, डॉ. पुनीता पांडेय, डॉ. ए जायसवाल, डॉ. सीपी मौर्य, डॉ. मधू यादव, डॉ. आकाश श्रीवास्तव, डॉ. आलोक सिंह, डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. एसके वर्मा, डॉ. विष्णुकांत गुप्ता, डॉ. प्रियंका चंद्रा का सितंबर माह का वेतन रोक दिया।
जबकि डॉ. अजय सिंह, डॉ. विनय, डॉ. वर्षा श्रीवास्तव, डॉ. कल्पना वर्मा, डॉ. आस्था सिंह, डॉ. शिवम शर्मा, डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. नौशाद हुसैन, डॉ. आरिफ जाफरी, डॉ. निहारिका यादव, डॉ. तरन्नुम और यासमीन का दो-दो दिन का वेतन रोक दिया।