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ादी-पौत्र के हत्यारोपी को भेजा जेल

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दादी-पौत्र के हत्यारोपी को भेजा जेल
हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी बरामद, पैंट के हुक में लगा था खून
चोरी करने के दौरान दादी-पौत्र के जागने पर उतारा था मौत के घाट
घटना को अंजाम देने के बाद रात में पहुंचा था परिचित के पास सोने
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। चोरी करने के दौरान जागने पर मजदूर दाढ़ी ने दादी और पोतो दोनों की हत्या कर दी थी। घटना में प्रयुक्त हथौड़ी भी पुलिस ने बरामद कर लिया। मजदूर के पैंट की हुक में खून लगा मिला। पुलिस ने मजदूर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
नगर कोतवाली के बलीपुर गाजी चौराहा के पास 28/29 की रात सरस्वती देवी व उसके पोते अनमोल की अज्ञात बदमाशों ने नृशंस हत्या कर दी थी। घटना के समय उसके परिजन कुंभ स्नान करने प्रयागराज गए थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सरस्वती के घर तीन महीने से मजदूर बब्बन उर्फ दाढ़ी पुत्र राजाराम निवासी कोंरड़ा मादूपुर, लालगंज काम करता था। जिस दिन सरस्वती की बहू व बेटा प्रयागराज कुंभ स्नान करने गए थे, सरस्वती ने मजदूर दाढ़ी को घर पर ही रुकने के लिए कहा था। काम बंद होने के बाद बब्बन भोला दूबे का रिक्शा लेकर चलाने चला गया था। रात 11 बजे वह सरस्वती के घर आया और दरवाजा खुलवाकर सोने चला गया। रात में उसकी मंशा घर में रखे जेवरात व रुपये चुराने की हुई। वह चोरी करने के लिए सामान उलट-पलट रहा था। तभी सरस्वती की नींद खुल गई। जिसके बाद दाढ़ी ने हथौड़ी से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। इसी बीच पौत्र अनमोल की नींद खुली तो दाढ़ी नेे उसे भी जमीन में पटक पर मौत के घाट उतार दिया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे भंगवा के पास से रविवार की रात दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसकी पैंट के हुक के पीछे खून लगा था। उसके निशानदेही पर पुलिस ने हथौड़ी भी बरामद कर ली। मासूम अनमोल दाढ़ी को पहचानता था इसलिए उसे भी मार डाला। घटना के बाद रात एक बजे वह घटनास्थल से कुछ दूर परिचित के पास सोने गया, लेकिन उसने भगा दिया। जिसके बाद वह केवल एक दिन घर गया। वहां से भागा-भागा फिर रहा था।
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रिक्शा चलाकर पहुंचा था सरस्वती के घर
पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने बताया कि बब्बन उर्फ दाढ़ी ने राजू से फोन पर बात की थी। उसे यह बात मालूम थी कि सरस्वती का बेटा व बहू रात में नहीं आएंगे। जिसके चलते वह काम बंद होने पर रिक्शा चलाने चला गया। कुछ रुपये कमाने के बाद वह लौटा। सरस्वती उसे पहचानती थी। इसलिए रात में दरवाजा खोल दिया। पूछताछ में यह भी पता चला कि दूसरे दिन से काम बंद हो गया था। अब मजदूरों को सरस्वती के घर नहीं आना था।

नहीं रुका था नन्हें
बलीपुर गाजी चौराहा निवासी सरस्वती घर का काम बंद होने के बाद पूरे मुस्तफा निवासी धीरज उर्फ नन्हे को घर पर रोकना चाहती थी, लेकिन वह नहीं रुका। पुलिस के शिकंजे से छूटने के बाद वह परिवार वालों से लिपटकर रोता रहा। उसका कहना था कि यदि वह रुका होता तो उसकी भी जान चली जाती।
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फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने की पुष्टि
बब्बन उर्फ दाढ़ी के पैंट की हुक के पीछे आस्तीन पर लगे खून के धब्बों व अंगूठे का फिंगर प्रिंट लेने के लिए टीम को लगाया गया। टीम ने मौके से मिले खून व पैंट में लगे ब्लड की छानबीन की। दोनों नमूने मैच हो गए। अंगूठे की निशानी भी बाक्स पर लगे अंगूठे से मैच कराई गई। जो दाढ़ी की ही निकली।
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