प्रतापगढ़। जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में ड्रेस बांटने की योजना पहले दिन ही फेल हो गई। डीएम और सीडीओ ने चार स्कूलों में पहुंचकर ड्रेस और किताबें जरूर वितरित कीं, मगर अधिकांश स्कूलों में बच्चों के पहुंचने के बाद भी ड्रेस नहीं दिया गया। अधिकांश स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति गिनी-चुनी होने के कारण अध्यापक अपनी पुरानी यादों को ताजा करते रहे। अधिकांश स्कूलों में पहले दिन भारी अव्यवस्था देखने को मिली।
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूल सोमवार से खुल गए हैं। विभाग का दावा था कि स्कूल खुलते ही बच्चों को पुस्तकें, ड्रेस, जूते-मोजे, बैग वितरित कर दिया जाएगा। मगर जिले के चार स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो अन्य स्कूलों में बच्चों को न तो ड्रेस मिला और न ही किताबें वितरित की र्गइं। जबकि विभाग ने ड्रेस बांटने के लिए एक माह पूर्व ही स्कूलों को धनराशि भेज दी थी। बीएसए कार्यालय के ठीक सामने स्थित प्राइमरी स्कूल करनपुर और पूरे पांडेय में सुबह साढ़े सात बजे तक झाड़ू लगती रही। चिलबिला स्थित महुली द्वितीय स्कूल में सुबह आठ बजे तक ताला लटकता रहा। चिलबिला मॉडल स्कूल में एक शिक्षामित्र दो अलग-अलग क्लास के बच्चों को पढ़ाती मिलीं, जबकि हेडमास्टर राजेश कुमार बाहर गए हुए थे। प्राइमरी स्कूल पड़ाव वॉर्ड में टीचर बाहर बैठकर बातें कर रहे थे, तो बच्चे गैस सिलिंडर और चूल्हा लाने पड़ोस में गए थे। प्राइमरी स्कूल भुलियापुर में बच्चे तो नहीं आए थे, मगर शिक्षिकाएं स्वयं सफाई करने में जुटी हुई थीं। प्राइमरी स्कूल अजीतनगर ठकुरइया में बच्चे तो मौजूद थे, मगर कोई टीचर नहीं था। फिलहाल जिले के अधिकांश स्कूलों में पहले दिन बच्चों को न तो ड्रेस और न ही बैग बांटा गया। इससे बच्चों के हाथ निराशा लगी। इधर विभाग का दावा था कि स्कूल खुलते ही बच्चों को ड्रेस, बैग, किताब और जूते-मोजे वितरित कर दिए जाएंगे।
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डीएम, सीडीओ ने बांटीं किताबें और ड्रेस
सदर विकास खंड के प्राइमरी स्कूल सुखपालनगर और मिडिल स्कूल सुखपालनगर, प्राइमरी और मिडिल स्कूल भुआलपुरडोमीपुर में डीएम शंभु कुमार और सीडीओ राजकमल यादव ने बच्चों को पुस्तकें और ड्रेस वितरित किया। इस मौके पर मौजूद बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि दस जुलाई तक सभी स्कूलों में ड्रेस वितरित करने के साथ ही पठन-पाठन प्रारंभ कर दिया जाएगा। प्राइमरी स्कूल सुखपालनगर के हेडमास्टर प्रभाकर प्रताप सिंह ने बच्चों को अधिकारियों से परिचित कराया।
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आठ बजे के बाद खुले अधिकांश स्कूल
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों का समय सुबह सात से 11 बजे तक है। मगर सोमवार को अधिकांश स्कूल आठ बजे के बाद खुले। शहर के आसपास के स्कूलों में अधिकांश अध्यापिकाएं तैनात हैं, उन्हें साधन नहीं मिलने के कारण प्राय: वह देर पहुंचती हैं।
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स्कूल की कौन करेगा सफाई
स्कूलों में साफ-सफाई को लेकर अध्यापकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके साथ समस्या यह है कि वह बच्चों से सफाई कराने में संकोच करते हैं, सफाई कर्मचारी आता नहीं है, स्वयं सफाई करते नहीं हैं। ऐेसे में स्कू ल परिसर को कैसे साफ किया जाए। सोमवार को स्कूल खुलने के बाद अधिकांश जगहों पर गंदगी दिखी।
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कान्वेंट स्कूलों में बढ़ी चहल-पहल
जिले के प्राइमरी स्कूलों में जहां गिने-चुने बच्चे पहुंचे, वहीं कान्वेंट स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल बढ़ गई। गर्मी की छुट्टी के बाद अपने दोस्तों से मिलने वाले बच्चों में बेहद खुशी देखने को मिली। मम्मी-पापा के साथ गर्मी की छुट्टी मनाने जाने वाले बच्चे मौज-मस्ती की बातें सहपाठियों से शेयर करते रहे।