प्रतापगढ़। जिला व महिला अस्पताल में ठेकेदार की ओर से रखे गये स्वीपर चौथे दिन भी बकाये मानदेय की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे। इसके चलते दोनों अस्पताल के वार्डों के साथ परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीएम, कैबिनेट मंत्री के साथ ही सीएमओ मिशन इंद्रधनुष योजना का शुभारंभ करने के लिये पहुंचे, लेकिन उनका भी ध्यान अस्पताल में फैली गंदगी व हड़ताल पर नहीं पड़ा।
जिला व महिला अस्पताल में सफाई के लिये एक एजेंसी को ठेका दिया गया था। एजेंसी की ओर से जिला व महिला अस्पताल को मिलाकर करीब 35 स्वीपर की तैनाती की गई है। एजेंसी के संचालक की ओर से स्वीपरों को तीन माह से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। इससे वे परेशान हैं। मांग को लेकर रविवार को चौथे दिन भी हड़ताल पर रहे। अस्पताल में सफाई करने के लिये नहीं आए। कहा कि जबतक मानदेय मिल नहीं जाता है तबतक वे सफाई नहीं करेंगे। इसके चलते जिला व महिला अस्पताल के वार्ड से लेकर परिसर तक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। साफ सफाई न होने के कारण दुर्गंध उठने से भर्ती मरीज और तीमारदार परेशान हो गए हैं। एक बीमारी से छुटकारा पाने की जगह वे कहीं दूसरी बीमारी की चपेट में न आ जाए इसका खतरा उन्हें सता रहा है। मगर डीएम, सीएमओ के साथ दोनों अस्पतालों के सीएमएस इस बारे में अनजान हैँ।
न तो ठेकेदार से कहकर मानदेय दिलाने के लिये कोई व्यवस्था कर रहे हैं और न ही दूसरे सफाई कर्मचारी को नियुक्त कर रहे हैं। जिला महिला अस्पताल में मिशन इंद्रधनुष योजना की सफलता के लिये कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, डीएम शंभू व सीएमओ आरके नैय्यर, एसपी शगुन गौतम, जिला महिला अस्पताल के सीएमएस रीता दूबे रविवार सुबह नौ बजे अस्पताल में एकत्र हुए। कैबिनेट मंत्री ने फीता काटकर मिशन इंद्रधनुष का शुभारंभ किया। योजना के बारे में लोगों को जानकारी दी। इसके बाद रैली निकाल कर इसका प्रचार प्रसार करने के लिये सीएमओ को निर्देश दिया। कुछ ही पल में वे अस्पताल के परिसर व वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलना उचित न समझकर वापस लौट गए। कुछ ही पल में डीएम, एसपी व सीएमओ भी अस्पताल की ओर से अपने-अपने आवास के लिये निकल पड़े।