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पाबंदी के नाम पर चल रही पुलिस की म

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पाबंदी के नाम पर चल रही पुलिस की मनमानी
देवसरा पुलिस ने कर दी मृतक पर शांतिभंग की कार्रवाई
परदेस में रहने वाले व मजदूरों को भी किया गया पाबंद

अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। सकुशल लोकसभा चुनाव संपन्न कराने के लिए पुलिस ने कई ऐसे लोगों की गतिविधियों को भी संदिग्ध बता दिया है, जिनका चुनाव या राजनैतिक दलों से कोई लेना देना नहीं रहता और न ही कोई आपराधिक रिकार्ड है। मृतक और लंबे समय से बाहर रहे लोगों पर भी पाबंदी की कार्रवाई की गई है। जिले में अब 27 हजार से अधिक लोगों को पाबंदी की कार्रवाई का नोटिस थमाया जा चुका है। नोटिस में साफ कहा गया है कि एसडीएम कोर्ट से बंधपत्र भकर जमानत करा लें, अन्यथा किसी अनहोनी की स्थिति में उन पर कार्रवाई होगी। पुलिस का नोटिस मिलने के बाद ऐसे लोग हैरत में हैं। वकीलों के साथ कोर्ट व कचहरी के चक्कर लगा रहे हैं। पुलिस के निशाने पर आने के बाद ऐसे लोगों के चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी हैं और वे तनाव में हैं। परिवार के लोग भी पुलिस की कारस्तानी से हैरान हैं। ऐसे लोगों का कहना है कि पुलिस गांवों में न जाकर विरोधियों व मतदाता सूची से नाम निकालकर पाबंद किया है। इस तरह की शिकायतें पुलिस अफसरों के पास लगातार आ रहीं हैं। फिलहाल सभी को जमानत कराने की सलाह देकर भेजा जा रहा है। शिकायत की जांच करने की केवल औपचारिकता निभाई जा रही है।
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अंतू पुलिस ने मजदूरों के साथ किशोरों को किया पाबंद
लोकसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही पुलिस नेचुनाव में गड़बड़ी करने वालों को पाबंद करने की तैयारी शुरू कर दी थी। अंतू पुलिस की कारस्तानी से लोगों में आक्रोश देखने को मिला। लोग पुलिस के रवैए पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी से शिकायत कर चुके हैं। अंतू पुलिस ने मकईपुर के ग्रामीणों को पाबंद कर दिया। इसमें किशोरों के साथ मजदूूरों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। ताला सिरिस्ताबाद में भी पुलिस की मनमानी देखने को मिली। गांव के संदीप सिंह, राजेश, दिवाकर, विपिन सिंह, आदित्य विरोध जता चुके हैं।
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देवसरा पुलिस ने कर दिया मृतक को पाबंद
लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी देवसरा पुलिस की मनमानी देख हर कोई दंग है। पाबंदी की कार्रवाई में पुलिस ने सड़क हादसे में मृत युवक के घर भी नोटिस भेज दिया। देवसरा थाना क्षेत्रज के भाटी खुर्द निवासी सोनू पुत्र सदानंद की पिछले साल सड़क हादसे में मौत हो गई थी। देवसरा पुलिस ने उसे भी पाबंद करते हुए एसडीएम न्यायालय चालान भेजा है। पट्टी, कंधई व देवसरा की पुलिस ने किशोर को भी पाबंद किया है। पुलिसिया कार्रवाई से लोग हैरत में हैं।
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अधिवक्ता की राय---
अधिवक्ता ओमप्रकाश मिश्र का कहना है शांति व्यवस्था में खलल का हवाला देकर किसी को भी पाबंद करना उचित नहीं है। वास्तव में जिनसे खतरा हो, उनको ही पाबंद करना चाहिए। दरअसल पुलिस पिछले चुनाव का रजिस्टर देखकर यह कार्रवाई कर देती है। यह बिल्कुल ठीक नहीं है। जिन लोगों पर इस तरह की कार्रवाई हुई है। वह डीएम और एसपी से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं। पुलिस उनके पाबंद करने की प्रक्रिया को वापस ले लेगी। बंधपत्र भरने का तात्पर्य यह भी है कि आप पुलिस के संदेह को पुष्ट कर रहे हैं और खुद बंधन में रहना स्वीकार कर रहे हैं।
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वर्जन-----
लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की आशंका में पाबंद करने की कार्रवाई में काफी सावधानी बरती गई है। इसके बाद भी यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो इसकी समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाएगा।
अवनीश मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी।
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