प्रतापगढ़। सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले किसानों को गेहूं बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा। शासन ने छोटे किसानों को एक और राहत दी है। अब सौ क्विंटल गेहूं की बिक्री के लिए सत्यापन नहीं कराया जाएगा। कोई भी किसान किसी भी केंद्र पर अपनी सुविधा के अनुसार गेहूं की बिक्री कर सकेगा। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होगी। इसके लिए 58 क्रय केंद्र खोले गए हैं।
किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए शासन ने गेहूं खरीद केंद्रों पर नजरें टिका दी हैं। इस वर्ष गेहूं खरीद में किसानों को फौरी तौर पर राहत दी गई है। जिन किसानों ने धान बेचने के लिए विभाग में रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें अब गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि उन्हें स्वयं नया रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाएगा। छोटे किसानों को एक और बड़ी राहत दी गई है। अब सौ क्विंटल गेहूं की खरीद के लिए सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी। इसके पहले राजस्व विभाग के सत्यापन करने के बाद ही किसानों का अनाज खरीदा जाता था।
जिला प्रशासन ने पांचों तहसीलों में 58 क्रय केंद्रों की स्थापना की है। इसमें खाद्य विभाग के 17, पीसीएफ के 35, यूपी एग्रो के 04, कर्मचारी कल्याण निगम के 02 क्रय केंद्र खुले हैं। एक अप्रैल से प्रारंभ होने वाली गेहूं खरीद के लिए अभी तक लक्ष्य भले ही नहीं दिया गया है, मगर, जिला प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है।
पहली बार पंजीकरण के लिए पड़ेगी इन चीजों की जरूरत
गेहूं की बिक्री के लिए किसानों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक कर दिया गया है। रजिस्ट्रेशन के लिए खतौनी, पैनकार्ड, वोटरकार्ड या आधारकार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर जरूरी है।
1840 रुपये प्रति क्विंटल होगी गेहूं की खरीद
किसानों का गेहूं 1840 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। इसके अलावा 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान गेहूं उतारने के लिए दिया जाएगा। एक अप्रैल से होने वाली खरीद 15 जून तक चलती रहेगी।
किसानों के रजिस्ट्रेशन के लिए वेबसाइट खोल दी गई है। जिन किसानों ने धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था, उन्हें अब दोबारा रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है।
यूपी सिंह सिसौदिया, जिला विपणन अधिकारी