ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने में हांफ गई नगर पालिका
शहर से रोजाना निकलता है 40 टन कूड़ा, कूड़ा निस्ताकरण की नहीं है कोई व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। शहर में घुसते ही बदबू का अहसास होता है। शहर का 40 टन कूड़ा हर दिन शहर की सीमा पर सड़कों के किनारे गिराया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था करने में नगर पालिका दस साल बाद भी स्थान नहीं खोज पाई। जिससे हर दिन सफाई के बाद शहर का कूड़ा सडक़ों के किनारे व खाली प्लाटों में डाला जा रहा है।
केंद्र व प्रदेश सरकार लगातार स्वच्छता मिशन के तहत शहर, गांव को साफ सुथरा रखने पर जोर दे रही है। बदकिस्मती यह है कि पालिका शहर को साफ करा रही है , लेकिन शहर से निकलने वाली गंदगी को शहर के बाहर किनारों, रोड के किनारे, गांव, नवविकसित कालोनियों के पास डाल रही है। शहर के अंदर सफाई होती रहती है इसमे कोई दो राय नहीं लेकिन शहर से प्रतिदिन निकलने वाला करीब 40 टन कूड़ा शहर के बाहर डाला जा रहा है। शहर के चिलबिला, जोगापुर, दहिलामऊ, प्रयागराज- अयोध्या राजमार्ग समेत कई प्रमुख मार्गो पर कूड़ा गिराया जाता है। इन मार्गों पर लोग दुर्गंध के कारण नाक बंद कर निकलते हैं। जिससे स्वच्छता मिशन को तो ग्रहण लग ही रहा है। लोगों के स्वास्थ्य भी पालिका खिलवाड़ कर रही है। कूड़ा शहर से बाहर डालने के पीछे मुख्य कारण पालिका के पास निस्ताकरण की कोई व्यवस्था नहीं है। नगर पालिका की ओर से कूड़ा निस्तारण के लिए टेंचिंग ग्राउंड की तलाश जारी है।
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पूरे केशवराय में जमीन मिली लेकिन रास्ता नहीं
शहर के करीब पूरे केशवराय में कूड़ा निस्तारण के लिए करीब दो बीघे जमीन काफी दिनों पहले पालिका को मिली थी। कुछ दिनों तक जमीन पर कूड़ा गिराया भी गया लेकिन बाद में दुर्गंध के चलते ग्रामीण वलिरोध पर उतर आए। चूंकि उस स्थान तक पहुंचने के लिए रास्ता भी नहीं है। इसलिए पालिका का कूड़ा लदा वाहन मौके तक जा नहीं पाता। इसके चलते रास्तों में कूड़ा गिराया जाता है।
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चौखड़ा में भी नहीं बनाया जा सका ट्रेंचिंग ग्राउंड
सई नदी पार करने के बाद चौखड़ा व शिवसत में नगर पालिका को कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने की जमीन जिला प्रशासन ने मुहैया कराई। उस स्थान पर कूड़े को अलग-अलग कर जैवीय खाद बनाने का प्लांट भी लगाया जाना था। अफसोस की बात यह है कि सीएनडीएस विभाग को ट्रेंचिंग ग्राउंड में प्लांट लगाने की जिम्मेदारी मिली थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अवर अभियंता ने सर्वे करने के बाद जमीन को पर्यावरण के लिए खतरा व प्लांट के लिए बेहतर नहीं माना। जिसके बाद मामला खटाई में पड़ गया। तब से कूड़ा निस्ताकरण केवल सडक़ों के इर्द गिर्द गड्ढ़ों में की जा रही है।
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कूड़ा गिराने पर होता है विवाद
नगर पालिका का कूड़ा सडक़ के किनारे गिराने को लेकर कई बार विवाद होता रहता है। दहिलामऊ गाय घाट रोड पर सई नदी के किनारे जमीन की सतह बहुत नीची है। पालिका के कर्मचारी प्लाट वालों के कहने पर कूड़ा गिराने लगते हैं। इससे आसपास के लोगों को दुर्गंध की समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे कर्मचारियों से विवाद होता रहता है।
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कूड़ा निस्तारण के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड बनाने के लिए तेजी से जगह तलाशी जा रही है। चिलबिला रंजीतपुर में जमीन मिलने की संभावना है। शहर की सफाई के लिए डोर टू डोर जल्द ही काम करने जा रही है।
मनोज, प्रभारी ईओ/ अपर जिलाधिकारी।