निरस्त ट्रेनें बहाल, स्टेशन पर लौटी रौनक
उतरेठिया, मोहनलालगंज में इंटरलॉकिंग कार्य के चलते निरस्त की गई थीं ट्रेनें
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। उत्तर रेलवे के उतरेठिया-मोहनलालगंज-कनकहा-निगोहां रेलवे स्टेशनों पर नॉन इंटरलॉकिंग, डबलिंग कनेक्शन और इलेक्ट्रिफिकेशन व सिग्नलिंग कार्य के चलते 17 से 24 अप्रैल तक निरस्त गुरुवार से फिर पटरी पर दौड़ने लगीं। इससे सप्ताह भर से स्टेशन पर पसरा सन्नाटा टूट गया। गुरुवार को फिर स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ दिखी।
नॉन इंटरलॉकिंग, डबलिंग कनेक्शन और इलेक्ट्रिफिकेशन के चलते 17 से 24 अप्रैल तक अप और डाउन जनता एक्सप्रेस, पंजाब मेल, प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी, लखनऊ-बनारस इंटरसिटी, रायबरेली-जौनपुर इंटरसिटी, पीआरएल, वीएल, बरेली-प्रयाग पैसेंजर के साथ 28 ट्रेनें जहां निरस्त कर दी गई थीं, वहीं पद्मावत एक्सप्रेस का संचालन लखनऊ से दिल्ली के बीच किया जा रहा था। प्रतापगढ़ होकर महज काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस गुजर रही थी। इससे यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ रहा था। ट्रेनों के निरस्त होने के कारण रात तो दूर दिन में भी स्टेशन पर सन्नाटा पसरा रहता था। गुरुवार से निरस्त ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया। इससे जंक्शन पर फिर चहल-पहल देखने को मिली।
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रायबरेली में चल रहा नान इंटरलॉकिंग कार्य पूरा हो गया है। ट्रेनो का संचालन बहाल कर दिया गया है। इंटरसिटी एक्सप्रेस व पीआरएल को छोड़कर सभी ट्रेनें प्रतापगढ़ के रास्ते से गुजारी गईं।
त्रिभुवन मिश्र, स्टेशन अधीक्षक।
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भीषण गर्मी में ठंडे पानी के लिए तड़पे यात्री
मजबूरन खौलते हुए पानी से बुझाई प्यास
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ जंक्शन पर लगी वाटर वेडिंग मशीन माह भर से खराब है। प्लेटफार्म एक और दो पर लगे वाटर कूलर पंप पिछली गर्मी से ही ठप पड़े हैं। इसके चलते यात्रियों को भीषण गर्मी में ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। मजबूरन उन्हें वाटर बूथ से निकल रहे खौलते पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।
आठ दिनों से ट्रेनों के निरस्त् होने के कारण यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ा था। बहुत से यात्रियों ने तो अपनी यात्रा तक निरस्त कर दी थी। गुरुवार को ट्रेनों का संचालन शुरू होते ही स्टेशन पर भ़ीड़ देखने को मिल रही थी। यात्री गर्मी में प्यास से ब्याकुल हो रहे थे। वाटर वेंडिंग मशीन और एक व दो नंबर प्लेट फार्म पर लगे वाटर कूलर पंप के खराब होने के कारण उन्हें गर्म पानी से प्यास बुझानी पड़ी।