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टैक्स वसूलने में हांफ गई नगर पालिका

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प्रतापगढ़। नगर पालिका जलकर व गृहकर का बकाया वसूलने में पालिका हांफ रही है। ऐसे बकाएदारों को नोटिस भेजने व तहसील से आरसी जारी कराने के बाद पालिका खामोशी की चादर ओढ़ लेती है। 1256 गृहस्वामियों को नगर पालिका की ओर से नोटिस भेजा जा रहा है।
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नगर पालिका के 25 वार्डों में लगभग 15 सौ से अधिक मकान पंजीकृत हैं। चूंकि शासन के निर्देश पर पूर्व में स्वकर प्रणाली नगर पालिका व नगर पंचायतों में लागू है। इसलिए गृहस्वामी के आवेदन पर जांच कर पालिका उसके भवन पर कर निर्धारण कर देती है। शहर में लगातार आवासीय दायरा बढ़ता जा रहा है। हर दिन नए भवनों का निर्माण प्रारंभ होता है। करीब दशक भर से बने मकान अभी तक नगर पालिका में पंजीकृत नही हैं। बहुत से ऐसे लोग हैं जो नगर पालिका में कर जमा करने में दिलचस्पी ही नहीं लेते।

नगर पालिका प्रशासन की मानें तो पटखौली, अचलपुर, पूर्वी सहोदरपुर, चिलबिला, महुली, मीराभवन, बलीपुर व अस्पताल वार्ड के गृहकर व जलकर बकाया वाले गृहस्वामियों की संख्या अधिक है। बकाया वसूल कर अपना खजाना भरने में नगर पालिका प्रशासन हांफ रहा है। बड़े बकाएदारों को कई बार नोटिस भेजा गया, लेकिन ऐसे लोगों ने अभी तक बकाया जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। पांच हजार रुपये से ऊपर के 1256 बकाएदारों को नगर पालिका की ओर से गृहकर व जलकर जमा करने के लिए नोटिस भेजा जा रहा है। शहरियों पर लगभग 72 लाख से अधिक का बकाया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में पालिका का बकाया वसूलने के लिए शासन की ओर से सख्त निर्देश जारी हुआ। शासन का आदेश मिलने के बाद पालिका प्रशासन की ओर से कवायद तेज हो गई है।
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72 लाख से अधिक टैक्स शहरियों पर है बकाया
नगर पालिका के 25 वार्डों में रहने वाले शहरियों के ऊपर लगभग 72 लाख से अधिक का बकाया है। शासन की सख्ती के बाद गृहकर व जलकर वसूली का प्रयास अभी से पालिका प्रशासन ने शुरू कर दिया है। ताकि अधिक से अधिक वसूली की जा सके। इसके लिए नगर पालिका के संग्रह अमीनों को भी लगाया गया है।

3 सौ नए मकान हुए चिह्नित
नगर पालिका के 25 वार्डों में लगभग 15 हजार मकान पंजीकृत हैं। नए मकान भी बनते जा रहे हैं। शहर में रहने वाले बहुत से लोगों ने गृहकर व जलकर से बचने के लिए अपना मकान पंजीकृत तक नहीं कराया है। ऐसे गृहस्वामियों को चिह्नित करने में नगर पालिका प्रशासन को कई साल लग गए। अभी तक केवल 3 सौ नए मकान चिह्नित हुए हैं। यदि वे स्वकर प्रणाली के तहत कर निर्धारण के लिए अपना आवेदन नहीं करते तो पालिका की टीम खुद सर्वे कर ऐसे मकानों पर कर निर्धारण करेगी।

गृहकर व जलकर जमा न करने वाले शहरियों को नोटिस भेजा जा रहा है। यदि 10 हजार के ऊपर बड़े बकाएदार टैक्स जमा करने में हीलाहवाली करते हैं तो तहसील के जरिए सभी को आरसी जारी की जाएगी।
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मनोज, प्रभारी ईओ नगर पालिका/एडीएम वित्त व राजस्व।
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