निजी नलकूप का कनेक्शन लेने वाले 16 हजार किसान निशुल्क बिजली पाने से वंचित हो जाएंगे। इन किसानों ने अब तक विभाग में पंजीकरण नहीं कराया है। जिले के 33 हजार नलकूप धारक किसानों में से 14 हजार किसानों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया है।
जिले में 33 हजार निजी नलकूप श्रेणी के उपभोक्ता हैं। इन पर 71 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। शासन ने नलकूप चलाने वाले किसानों का बिजली बिल माफ करने की घोषणा की थी। इसके लिए किसानों को 30 जुलाई तक बिजली विभाग में पंजीकरण कराने के साथ ही 31 मार्च 2023 तक का बकाया बिजली बिल जमा करना था।
जिले के 14 हजार किसानों ने 31 मार्च 2023 तक के पहले का बकाया बिजली बिल का भुगतान कर दिया है। जबकि 3000 नए निजी नलकूप उपभोक्ताओं ने मार्च 2023 के बाद नया कनेक्शन लिया है। अब योजना का लाभ लेने के लिए केवल एक दिन ही बचा है। अगर बचे हुए किसान पंजीकरण नहीं कराते हैं तो वह मुफ्त बिजली पाने की योजना से वंचित रह जाएंगे।
प्रदेश सरकार ने मुफ्त बिजली योजना के लिए निजी नलकूप श्रेणी के किसानों का पंजीयन कराना अनिवार्य किया है। 30 जुलाई तक 14 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। 71 करोड़ रुपये निजी नलकूप श्रेणी के उपभोक्ताओं को बकाया है। पंजीयन नहीं कराने वाले 16 हजार किसान लाभ से वंचित रहे जाएंगे।
सत्यपाल, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग