जिले की 1579 गर्भवती महिलाएं खून की कमी से जूझ रही हैं। लॉकडाउन के चलते इनकी जांच नहीं हो पाई थी। ओपीडी का संचालन शुरू होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इनकी जांच कराई। जिले में लगभग सात हजार से अधिक महिलाएं गर्भवती हैं। इनमें से 1579 महिलाएं ऐसी हैं जो खून की कमी से जूझ रही हैं। महामारी कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद इन महिलाओं ने अपनी जांच नहीं कराई थी। शासन की ओर से आए आदेश के बाद जब सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ओपीडी का संचालन शुरू हुआ तो चिकित्सकों ने जांच कराना शुरू कर दिया। जांच में इन महिलाओं के एनिमिक होने की जानकारी हुई। स्वास्थ्य विभाग ने इन महिलाओं को आयरन की गोलियां खिलाना शुरू कर दिया है।
महामारी कोरोना वायरस को देखते हुए गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर निकलने पर रोक लगाई गई है। यदि बहुत दिक्कत हो तभी वे अस्पताल आएं। आशा बहू के संपर्क में रहें। आशा बहू घर पर आयरन और कैल्शियम की गोलियां पहुंचा रही हैं।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।