झोलाछापों के साथ आयुर्वेद और होम्योपैथ के डॉक्टर भी लगा रहे इंजेक्शन
प्रतापगढ़। जिले में झोलाछापों के साथ आयुर्वेद और होम्योपैथ के डाक्टर भी इंजेक्शन लगा रहे हैं। कुछ तो ऑपरेशन भी कर रहे हैं। इनके गलत इलाज से कई बार मरीजों की जान भी चली गई, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने खामोशी की चादर ओढ़ ली है। जिले में बीएमएस और बीएचएमएस को मिलाकर 84 पंजीकृत डॉक्टर हैं। इनमें से कई डॉक्टरों ने खुद का अस्पताल खोल लिया है। मरीजों का ऑपरेशन करने से लेकर उनका इलाज तक करते हैं। कई डॉक्टर तो प्रसव भी करवा रहे हैं। होम्योपैथ और आयुर्वेद की पद्धति से इलाज करने के बजाए यह डॉक्टर मरीजों को एलोपैथ की दवाएं देने के साथ इंजेक्शन भी लगाते हैं। रानीगंज, पट्टी, लालगंज और सदर क्षेत्र के साथ ही विश्वनाथगंज, कोहड़ौर जैसे इलाकों में इनका क्लीनिक धड़ल्ले से चल रहा है। जिस पद्धति से पढ़ाई किए हैं उसकी दवा मरीजों को नहीं देते हैं। खुद को सर्जन और फिजिशियन बताकर मरीजों का इलाज करते हैं। इस बारे में डिप्टी सीएमओ सीपी शर्मा का कहना है कि एलोपैथ पद्धति से मरीजों का इलाज करने वाले झोलाछाप और बीएमएस व बीएचएमएस चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है।