घर-घर जमा-निकासी की योजना फेल
डाकियों को दी गई हैंड हेल्ड डिवाइस में नेटवर्किंग की समस्या दूर नहीं हुई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। डाकघर की घर-घर जमा-निकासी की योजना फेल हो गई है। जमा-निकासी के लिए डाकियों को दी गई हैंड हेल्ड डिवाइस में नेटवर्किंग की समस्या दूर नहीं हो सकी है। इससे ग्राहकों को जमा-निकासी के लिए कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जबकि नेटवर्किंग की समस्या दूर करने के लिए छह महीने में दूसरी बार डिवाइस का एंटीना बदलने की कवायद चल रही है।
जिले में प्रधान डाकघर से जुड़े करीब 44 उपडाकघर हैं, जबकि तकरीबन 322 शाखा डाकघर हैं। इससे करीब आठ लाख से अधिक ग्राकह विभिन्न योजनाओं से जुड़े हैं। जमा-निकासी के लिए डाकघर में ग्राहकों की लंबी लाइन लगती है। काउंटर पर उन्हें धक्कामुक्की करनी पड़ती है। बताया जाता है कि ग्राहकों की सहूलियत के लिए डाकघर द्वारा घर-घर जमा-निकसी की व्यवस्था शुरू की गई। करीब छह महीने पहले हैंड हेल्ड डिवाइस डाकियों को दी गई। इन्हें बकायदा प्रशिक्षण भी दिया गया। इसके अलावा इसका गांव-गांव प्रचार-प्रसार भी किया गया, लेकिन ग्रामीण इलाकों में घर-घर जमा निकासी की योजना फेल हो गई है। हैंड हेल्ड डिवाइस में नेटवर्किंग की समस्या बनी है। इससे ग्राहकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। डाकियों की शिकायत पर विभाग ने नेटवर्किंग की समस्या दूर करने के लिए उन्हें छोटा एंटीना दिया, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी यह प्रयास सफल नहीं हो सका। छोटा एंटीना लगाने के बाद भी नेटवर्किंग बेहतर नहीं हो सकी। करीब तीन महीने तक हैंड हेल्ड डिवाइस शोपीस बने रहे। इससे ग्राहकों को जमा-निकासी के लिए अभी भी डाकघर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। हालांकि शिकायत पर अब फिर से अधिकारियों ने इसे संज्ञान में लिया है। अब दूसरी बार वह बड़ा एंटीना लगाने जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे नेटवर्किंग की सुविधा बेहतर होगी। प्रवर डाक अधीक्षक केएस वाजपेयी ने बताया कि पांच उपडाकघर में एंटीना सेट किया गया है। नेटवर्किंग बेहतर मिल रही है। प्रयास सफल रहा तो सभी उपडाकघरों में एंटीना लगाया जाएगा।