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87-87 लाख रुपये की लागत से बनेंगे किसान कल्याण भवन

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87-87 लाख रुपये की लागत से बनेंगे किसान कल्याण भवन
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17 विकास खंडों के लिए मिलेगी मंजूरी, दो ब्लाकों के लिए जारी हुई धनराशि
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिले के 17 विकास खंडों में 87-87 लाख रुपये की लागत से किसान कल्याण भवन बनाएं जाएंगे। पहले चरण में सदर और मंगरौरा विकास खंड को मंजूरी मिल गई है। इन किसान कल्याण केंद्रों पर किसानों को सभी सुविधाएं मिलने के साथ ही उनकी समस्याओं का निराकरण भी होगा।
कृषि विभाग में लगभग 25-25 वर्षों से भवन का निर्माण नहीं कराया गया था। जर्जर भवनों में रहने वाले कर्मचारियों को बरसात के दिनों में जहां परेशानी का सामना करना पड़ता था, वहीं भंडार गृहों में रखा बीज नष्ट हो जाता था। कृषि विभाग ने अब सभी विकास खंडों में किसान कल्याण भवन बनाने का फैसला किया है। 87-87 लाख रुपये की लागत से बनने वाले भवन में ऊपर मीटिंग हाल और नीचे कार्यालय और गोदाम होगा। पहले चरण में सदर विकास खंड और मंगरौरा ब्लाक में भवन निर्माण कराने के लिए धनराशि को मंजूरी मिल चुकी है। जबकि दो और ब्लाकों के लिए धनराशि मिलने वाली है। किसान कल्याण भवन में किसानों को खाद -बीज के साथ ही दवाएं भी मिलेंगी। किसानों को खेती से संबंधित किसी समस्या के लिए अब मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना होगा, बल्कि किसान कल्या केंद्र से अपनी समस्या का निराकरण करा सकेंगे। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्विनी सिंह ने बताया कि ब्लाकों में भवनों का निर्माण होना से गांव के किसानों को काफी लाभ मिलेगा। ब्लाकों के भवन जर्जर हो गए थे, इसलिए नया भवन मिलना आवश्यक हो गया था।
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शुद्ध हवा के लिए पौधरोपण जरूरी : डॉ. संतोष
डीएवी में पौधरोपण कर पर्यावरण बचाने की हुई पहल
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के मंडल अध्यक्ष डॉ. संतोष शुक्ल ने कहा है कि अगर शुद्ध हवा लेनी है तो समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पांच-पांच पौधे लगाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वातावरण दूषित हो रहा है, उसे बचाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है।
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शहर के डीएवी इंटर कालेज में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने पौधरोपण करने के पहले संकल्प लिया कि शुद्ध वायु के लिए सभी व्यक्तियों को अधिकाधिक पौधे लगाने चाहिए। संगठन मंत्री दीपक ओझा ने कहा कि सबसे अधिक ऑक्सीजन देने वाले पीपल के पेड़ की लोग उपेक्षा करते जा रहे हैं, जबकि मानव जीवन के लिए पीपल का पेड़ सबसे कारगर साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोई आवश्यक नहीं है कि फलदार पौधों को ही रोपित किया जाए, बल्कि छायादार पौधों को रोपित करके शुद्ध आक्सीजन प्राप्त किया जा सकता है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने कालेज परिसर में एक-एक पौधे रोपित किए। इस मौके पर डॉ. पुुष्पेंद्र सिंह, अवधेश विश्वकर्मा, सुरेंद्र प्रसाद पांडेय, राजेश मिश्र, कुलदीप सिंह, प्रवीण सिंह, राजेश शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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