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खराब हो गईं सरकारी कार्यालयों में लगी बायोमैट्रिक मशीन

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खराब हो गईं सरकारी अस्पतालों में लगीं बायोमैट्रिक मशीन
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ठीक कराने के बजाए गोदाम में रख गई हैं, पुराने ढर्रे पर डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी कर रहे हैं काम
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। प्रयागराज में रहकर जिले में हाजिरी लगाने वाले डॉक्टरों पर नकेल कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी व पीएचसी में बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी अनिवार्य कर दी थी, मगर पांच माह में ही सिस्टम फेल हो गया। खराब मशीनों को बनाने के लिए न तो कोई प्रयास हो रहा है और न ही इससे हाजिरी लगाई जा रही है।
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी-पीएचसी में डॉक्टरों की हाजिरी बायोमैट्रिक से लगाना अनिवार्य कर दिया गया था। मगर पांच माह में ही यह व्यवस्था ध्वस्त हो गई। आलम यह है कि अस्पताल से बायोमैट्रिक मशीन को निकाल कर गोदाम में रख दिया गया है। बायोमैट्रिक मशीन को ठीक कराने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। इसका फायदा उठाते हुए डॉक्टर फिर पुराने ढर्रे पर आ गए हैं। उनके आने और जाने की कोई समय सीमा तय नहीं है। दरअसल, बायोमैट्रिक मशीन से चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ अफसरों को भी अपनी उपस्थिति दर्ज करनी पड़ती थी। हर माह बायोमैट्रिक मशीन के रिकार्ड को शासन को भेजना होता था। इससे यह पता चल जाता था कि कौन से स्वास्थ्य कर्मचारी, अफसर और डॉक्टर कितने बजे अस्पताल आ रहे हैं और कितने बजे जा रहे हैं। इन सबसे बचने के लिए खराब हुई बायोमैट्रिक मशीन को बनवाने के बजाए उसे स्टोर में रखवा दिया गया है। यह आलम किसी एक ही विभाग का नहीं है। बल्कि रोडवेज विभाग, एआरटीओ कार्यालय के साथ ही विकास भवन में स्थित कई कार्यालय का यही हाल है। मगर किसी का ध्यान इस ओर नहीं पड़ रहा है।
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इनसेट-----
अफसरों के आने-जाने का नहीं तय है समय
प्रतापगढ़ के ज्यादातर अफसर और कर्मचारी गैर जनपद के रहने वाले हैं। आए दिन उनके आने में देरी हो जाती है। जाते समय उन्हें जल्दबाजी लगी रहती है। इसके चलते वह बायोमैट्रिक मशीन के बजाए ऑफलाइन यानी उपस्थिति पंजीका पर हस्ताक्षर कर निकल जाते हैं।
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वर्जन-------------
सीएमओ ऑफिस की बायोमैट्रिक मशीन काम कर रही है। रही बात जिला व महिला अस्पताल की तो सीएमएस से कहकर उसे ठीक कराया जाएगा। सीएचसी अथवा पीएचसी की बायोमैट्रिक मशीन खराब है तो जांचकर उसे तत्काल बदलवा दिया जाएगा।
डा. एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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