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अति उत्साह के चलते डूबी जनसत्ता दल की नैया
प्रधान और बीडीसी सदस्यों के सहारे ही चुनाव में बाजी मारने के लिए प्रयासरत रहे प्रत्याशी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। कुंडा के विधायक व पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया की नई पार्टी जनसत्ता दल की नैया अति उत्साह में डूब गई। प्रधान व बीडीसी सदस्यों के सहारे लोकसभा चुनाव की नैया पार करने उतरे प्रत्याशियों को आखिरकार हार का सामना करना पड़ा। कौशांबी लोकसभा सीट पर कुंडा-बाबागंज में राजाभैया की मेहनत भी काम नहीं आ सकी।
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लोकसभा वर्ष 2009 के चुनाव में शैलेंद्र कुमार को सपा से सांसद बनाने में राजा भैया का श्रेय रहा। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी राजाभैया ने सपा प्रत्याशी शैलेंद्र की भरपूर मदद की। कुंडा विधानसभा से 2014 के चुनाव में 101541 मत दिलाए थे। इस बार कुंडा में शैलेंद्र को 82252 मत ही मिले। भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर को कुंडा से 43880 वोट मिले। सपा-बसपा गठबंधन के उम्मीदवार इंद्रजीत सरोज ने भी 44903 वोट हासिल किए। बाबागंज विधानसभा क्षेत्र से 69118 मत मिले थे। इस बार शैलेंद्र कुमार को 53845 मत मिले। भाजपा उम्मीदवार विनोद सोनकर ने यहां 50347 वोट हासिल किए, जबकि सपा-बसपा गठबंधन के इंद्रजीत सरोज को 39297 मत मिले। मगर कौशाम्बी की तीन विधानसभाओं ने राजाभैया की मेहनत पर पानी फेर दिया। लोकसभा चुनाव के कुछ माह पहले ही राजाभैया ने जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी का गठन किया। नई पार्टी होने के बावजूद उन्होंने कौशांबी लोकसभा से शैलेंद्र कुमार और प्रतापगढ़ से अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी को चुनावी मैदान में उतारा। कौशांबी लोकसभा सीट के अलावा प्रतापगढ़ सीट पर अति उत्साह में पार्टी के प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। जनसत्ता दल के प्रत्याशियों को जोर आम जनता से मिलने के बजाए प्रधान और बीडीसी सदस्यों पर ही रहा। जिसका खामियाजा मतदान के दौरान उठाना पड़ा। ठेकेदारों ने वादा तो कर लिया, लेकिन खरे नहीं उतरे। कौशांबी में शैलेंद्र को तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा तो प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर अक्षय प्रताप सिंह चौथे स्थान पर चले गए।
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