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प्रियंका भी कांग्रेस को नहीं दे पाईं संजीवनी
कभी परंपरागत सीट रही प्रतापगढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी की जब्त हो गई जमानत
प्रमोद तिवारी को भी झटका, रामपुरखास विधानसभा में पहली बार हारी पार्टी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। कभी कांग्रेस की परंपरागत सीट रही प्रतापगढ़ में इस बार पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। कांग्रेस की स्टार प्रचारक राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा भी जिले में पार्टी की नैया पार नहीं लगा सकीं। प्रियंका की जनसभा के बाद कांग्रेसियों में जो जोश देखने को मिला था, वह चुनाव नतीजों में नहीं तब्दील हो सका। नतीजा यह कि 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां पार्टी की प्रत्याशी रत्ना सिंह की जमानत जब्त हो गई। पार्टी को कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी के गढ़ रामपुर खास विधानसभा में भी पहली बार हार का मुंह देखना पड़ा।
प्रतापगढ़ संसदीय सीट लंबे समय तक कांग्रेस का कब्जा रहा। 1951 और 1957 के लोकसभा चुनाव में मुनीश्वरदत्त उपाध्याय ने कांग्रेस के बैनर पर चुनाव लडक़र यहां से जीत हासिल की। इसके बाद कांग्रेस के टिकट पर राजा दिनेश सिंह चार बार जिले के सांसद चुने गए। पूर्व सांसद रत्ना सिंह भी तीन बार कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुई थीं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी का गढ़ माना जाने वाले रामपुरखास विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी को हर बार इतनी बढ़त मिलती थी जो उन्हें जीत के दरवाजे तक ले जाती थी। मगर इस वर्ष रामपुर खास की जनता ने भी कांग्रेस प्रत्याशी को ठुकरा दिया। कांग्रेस प्रत्याशी अब तक होने वाले चुनावों में यहां से लगभग तीस हजार से अधिक मतों से आगे रहती थीं। रामपुरखास से इतने अधिक मत मिलने से राजकुमारी रत्ना सिंह की जीत आसान हो जाती थी। मगर इस वर्ष के चुनाव में ठीक उल्टा हुआ है। जो लीड कांग्रेस प्रत्याशी की हुआ करती थी, वह इस वर्ष भाजपा प्रत्याशी को मिली है। वर्ष 2014 में रत्ना सिंह को कुल 1,38,620 मत मिले थे। जबकि इस वर्ष 77096 मतों से संतोष करना पड़ा है। इस बार भी कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह के पक्ष में कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रमोद तिवारी ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर, पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, इमरान प्रतापगढ़ी ने लगभग सभी विधानसभाओं में प्रचार करके वोट मांगा था। प्रचार के अंतिम दौर में राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी प्लाजा पैलेस में जनसभा कर मतदाताओं में जोश भरा था, मगर उनका जादू नहीं चल पाया। जिले के मतदाताओं ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया।