रत्ना सिंह, अक्षय प्रताप समेत छह की जमानत जब्त
रामपुर खास में प्रमोद के गढ़ में भाजपा ने की सेंधमारी
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह, जनसत्ता दल के अक्षय प्रताप सिंह समेत छह उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। उन्हें बड़ी हार झेलनी पड़ी। लोकसभा चुनाव में सिर्फ बसपा के अशोक त्रिपाठी ही जमानत बचा सके।
जिले में लोकसभा के लिए 9,15,209 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। किसी भी प्रत्याशी को जमानत बचाने के लिए कुल वैध मतों का छठवां भाग प्राप्त करना होता है। इसमें चुनाव जीतने वाले संगमलाल गुप्ता के अलावा के अलावा बसपा के अशोक त्रिपाठी ही अपनी जमानत बचा सके। संगमलाल गुप्ता को 436491 वोट मिले और उन्होंने चुनाव जीत लिया। बसपा के अशोक त्रिपाठी भी जमानत बचाने की सीमा रेखा पार करते हुए 318539 मतों पर पहुंच गए। कांग्रेस प्रत्याशी रत्ना सिंह को 77016, जनसत्ता दल के अक्षय प्रताप सिंह को 46713 मतों से ही संतोष करना पड़ा। जबकि निर्दल प्रत्याशी मोहम्मद इरशाद को 5559, रामबहादुर वर्मा को 5578, शेषनाथ को 4528, बीएल वर्मा को 7952 मत मिले। इस तरह इन सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। वहीं 2014 के लोकसभा चुनाव में भी 15 प्रत्याशी मैदान में उतरे थे। जिसमे से केवल अद व बसपा प्रत्याशी को छोडक़र कांग्रेस, सपा समेत सभी 13 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
अब सदर विधानसभा के लिए मचेगा घमासान
सांसद बनने के बाद सदर विधायक संगम देंगे इस्तीफा, होगा उपचुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। सदर विधायक संगमलाल गुप्ता के सांसद निर्वाचित होते ही अब उपचुनाव को लेकर सियासी दलों में चर्चा छिड़ गई है। चुनाव लडने के लिए मौके की तलाश में भाजपा के कई नेता अभी से ही तैयारी करने लगे हैं। वहीं सपा व बसपा के नेता भी चुनावी बिसात बिछाने के लिए अपने आकाओं से बातचीत तेज कर दिए हैं।
भाजपा के नवनिर्वाचित सांसद संगमलाल गुप्ता के चुनाव जीतते ही सियासी गलियारों में सदर विधानसभा के उपचुनाव को लेकर चर्चा छिड़ गई है। बसपा व सपा के नेता अभी से ही अपने आकाओं तक मैसेज भेजना शुरू कर दिए हैं। भाजपा के नेता भी पीछे नहीं है। संगमलाल के सांसद बनते ही सदर विधानसभा उपचुनाव की संभावना को देखते ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक मेहनत बताने के साथ दावेदारी भी शुरू कर दी है। फिलहाल यह तो समय ही बताएगा कि भाजपा, सपा व बसपा में किस नेता की दाल गलती है।