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पंाच साल से लटका पड़ा है अल्पसंख्यक छात्रावास

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पांच साल से अधर में अटका अल्पसंख्यक छात्रावास
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नए शिक्षासत्र में शुरू होने की थी उम्मीद, नहीं पूरा हो सका कार्य
लापरवाही के चलते अल्पसंख्यक छात्राओं को नहीं मिल पा रही सहूलियत
निर्माण कार्य शुरू कराने को लेकर अफसर भी नहीं दिखा रहे रुचि
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। नए शिक्षासत्र में शहर में रहकर पढ़ाई करने के अल्पसंख्यक छात्राओं के सपने पर पानी फिर गया। पांच साल बाद भी शहर के जीजीआईसी के समीप अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण पूरा नहीं हो सका। विभागीय अनदेखी के चलते छात्राओं को यह सहूलियत नहीं मिल पा रही है। विभागीय अफसर भी निर्माण कार्य शुरू कराने को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
शहर में अल्पसंख्यक छात्राओं के लिए छात्रावास 2014 में स्वीकृत हुआ था। ताकि अल्पसंख्यक छात्राएं शहर में रुककर आसानी से पढ़ाई कर सकें। उन्हें किराए के कमरे पर अतिरिक्त खर्च न करना पड़े। छात्रावास में छात्राओं के रहने के लिए कमरा, लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाती। जिला अल्पसंख्यक विभाग द्वारा इसका निर्माण कार्य शुरू कराया गया। शुरुआती दौर में ठेकेदार ने निर्माण कार्य में तेजी दिखाई। नक्शे के मुताबिक छात्रावास के आधे से अधिक कमरों का लिंटर पड़ गया। मगर इस बीच एकाएक भवन का निर्माण रोक दिया गया। ठेकेदार काम ठप कर निकल गया। करीब पांच साल से भवन निर्माण का कार्य ठप होने से होने से छात्रावास में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। आसपास के मुहल्लों के लोग वहां अपने घरों का कूड़ा फेंक रहे हैं। इतना ही नहीं, छात्रावास इन दिनों जुआरियों एवं शराबियों का अड्डा बन गया है। कई बार इसे लेकर लोगों ने विभागीय अधिकारियों से शिकायत की, मगर कुछ नहीं हुआ।
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इनसेट---------------------
दूसरी किश्त का इंतजार
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी विजय प्रताप यादव ने बताया कि छात्रावास के निर्माण की पहली किश्त में जो भी धनराशि आई थी उसे खर्च किया जा चुका है। दूसरी किश्त का इंतजार है। दूसरी किश्त आने पर छात्रावास का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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