प्रतापगढ़। मानक की अनदेखी कर जिले में संचालित अवैध स्कूलों पर जिला प्रशासन शिकंजा कसने में फेल हो गया है। बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इन स्कूलों पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस थमाया गया है। 431 परिषदीय और 641 हाईस्कूल और इंटरकॉलेज अवैध रूप से चल रहे हैं, मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
जिले के मंगरौरा इलाके के एक नर्सरी स्कूल में सोमवार को लगभग पचास बच्चे उस बाल-बाल बच गए, जब बरसात में स्कूल के टीनशेड के नीचे पढ़ रहे क्लास रूम की दीवार बाहर की ओर गिर पड़ी। अगर यह दीवार अंदर की ओर गिरती तो एक बहुत बड़ा हादसा हो जाता। इस घटना के बाद भी जिला प्रशासन नहीं चेता है। अवैध स्कूलों को चिह्नित करने के लिए जिले में चले अभियान में इस बात का खुलासा हुआ है कि जिले में बगैर मान्यता के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की संख्या 431 और हाईस्कूल, इंटरकॉलेजों की संख्या लगभग 641 है। इन स्कूलों को बंद कराने को कौन कहें, मगर अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है। बेसिक शिक्षा विभाग से कुछ अवैध स्कूलों को नोटिस जारी की गई है, मगर यह वही स्कूल हैं जिनकी लगातार शिकायतें हो रही हैं। दरअसल में अवैध स्कूलों से शिक्षा विभाग के अफसरों की मिलीभगत होती है, इसलिए वह कार्रवाई से बचते हैं।
अवैध स्कूलों को चिह्नित करने में भी खेल
बगैर मान्यता के चलने वाले अवैध स्कूलों को चिह्नित करने में खूब खेल हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने करीबियों और नेताओं के अवैध स्कूलों का नाम ही सूची में नहीं डाला है। उनका मानना था, कि अगर सूची में नाम नहीं रहेगा, तो कार्रवाई नहीं होगी।
कक्षा एक से पांच तक के स्कूल संचालन के लिए सात कमरे, कक्षा एक से आठ तक की मान्यता के लिए 13 कमरे होने चाहिए। यह कमरे 180 वर्गमीटर में बने होने चाहिए । अगर इससे कम कमरे हैं, तो स्कूल को मान्यता नहीं मिलती है।
आठ स्कूलों को बंद करने का नोटिस
पट्टी इलाके में बगैर मान्यता के चल रहे दुर्गा कांवेंट स्कूल मुजाहीबाजार, ओम साई कान्वेंट क्लासेज मुजाही बाजार, वैष्णवी माडर्न पब्लिक स्कूल मुजाही बाजार, गंगादीन शिक्षण संस्थान, सेंट पैट्रिक पब्लिक स्कूल, डीके पब्लिक स्कूल, राम शिक्षण संस्थान, सिटी मांटेसरी स्कूल को बीएसए ने नोटिस जारी कर बंद करने को कहा है। बीएसए ने यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायत पर की है।
अवैध स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है, अगर वह स्कूल नहीं बंद करते हैं, तो जिला प्रशासन के सहयोग से बंद करने का अभियान चलाया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारियों से छूटे हुए अवैध स्कूलों को चिंहित करने की कार्रवाई चल रही है।
बीएन सिंह, बीएसए।