मानधाता के ढेमा गांव में पन्द्रह वर्ष बाद परिजनों को मिले शाहरुख।
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झांसी से 15 वर्ष पहले माता-पिता से बिछड़ा शाहरुख शुक्रवार को ढेमा गांव में परिजनों से मिला। उसे सकुशल देख घर वालों की आंखें भर आईं। भाई ने उसे गले लगा लिया। कुछ दिन पहले गांव पहुंचे शाहरूख को ग्रामीण खानापीना देते थे। इस बीच किसी ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। जिसे देख घर वाले उसे लेने आए थे। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने उसे परिजनों के सुपुर्द किया।
झांसी के बरुआसागर घासयपुर निवासी शाहरूख चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। करीब पंद्रह साल पहले पड़ोसी गांव में वह दावत खाने गया था। मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह परिवार के लोगों से वहीं बिछड़ गया था।
ग्रामीणों के मुताबिक कुछ दिन पहले वह ढेमा पहुंचा था। उसकी स्थिति देखकर गांव के लोग ही उसे खानापीना देते थे। इस बीच कुछ युवकों ने सोशल मीडिया पर शाहरुख की फोटो और वीडियो वायरल कर उसे अपनों से मिलाने की कोशिश शुरू की। यह मुहिम रंग लाई। सोशल मीडिया के जरिये शाहरुख के भाई गुलफाम को उसके बारे में जानकारी मिली। शुक्रवार को वह परिवार के लोगों के साथ मानधाता के ढे़मा गांव पहुंचा।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में शाहरुख ने अपने भाई को पहचान लिया। इतना ही नहीं गुलफाम अपने भाई शाहरुख की पंद्रह वर्ष पहले की फोटो भी साथ लाया था। गांव से जाते समय शाहरुख भावुक था। वहीं उसके घर वाले खुशी से चहक रहे थे।