शहर की गलियां, सड़कें और मोहल्ले कूड़े-कचरे से भरे हैं। आम दिनों की तुलना में दिवाली से पहले 14 मीट्रिक टन अधिक कचरा निकल रहा है। आलम यह है कि सुबह कचरे का उठाव होता है, लेकिन एक-दो घंटे बाद उसी स्थान पर फिर कूड़ा जमा हो जाता है।
कूड़े का निस्तारण कराने में नगर पालिका को दिक्कत हो रही है। सड़कों व गलियों में जमा कूड़ा न सिर्फ दुर्गंध पैदा कर रहा है, बल्कि राहगीरों के कदम भी रोक रहा है।
पिछले माह तक शहर के 25 वार्डों से करीब 50-52 मीट्रिक टन कचरा निकलता रहा। अब रोजाना 64 से 66 मीट्रिक टन कचरा निकल रहा है।
नगर पालिका का दावा है कि कूड़े का निस्तारण महुली स्थित एमआरएफ सेंटर पर कराया जा रहा है लेकिन वहां पहले से ही कूड़े के ढेर लगा है।
नगर पालिका के सफाई निरीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि कूड़ा उठान करने के बाद उनका निस्तारण भी कराने की कोशिश रहती है। दिवाली के चलते अब घरों से कचरा अधिक मात्रा में निकल रहा है। नगर पालिका के कूड़ा उठाने में लगाए गए 78 कर्मचारी सुबह से लेकर शाम तक ड्यूटी कर रहे हैं।
एमआरएफ सेंटर बने हैं शोपीस
नगर पालिका परिषद बेल्हा ने महुली में पांच एमटी का एमआरएफ सेंटर बनवाया है। जिसकी क्षमता शहर के 25 वार्डों से प्रतिदिन निकलने वाले 60 टन से अधिक कचरे को निस्तारित की नहीं है। नगर पालिका ही नहीं बल्कि कुंडा, मानिकपुर, कटरा मेदनीगंज, सिटी, रानीगंज, लालगंज समेत 16 नगर पंचायतों में पांच एमटी का बना एमआरएफ सेंटर शोपीस बना हुआ है।