आयकर के झाम में फीकी रहेगी कर्मचारियों की होली
बेसिक शिक्षा विभाग, डीआईओएस, स्वास्थ्य विभाग सहित अनेक विभागों के शिक्षकों, कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन
ट्रेजरी कार्यालय में देर शाम तक उमड़ी रही भीड़
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। वार्षिक आयकर कटौती के झाम में अधिकांश विभागों के कर्मचारियों को फरवरी माह का वेतन नहीं मिला है। इससे होली का त्योहार फीका रहेगा। बेसिक शिक्षा विभाग, डीआईओएस, स्वास्थ्य विभाग, विकास विभाग के शिक्षकों एवं कर्मचारी शाम तक मोबाइल पर मैसेज का इंतजार करते रहे। हालांकि, वेतन भुगतान के लिए देर शाम तक ट्रेजरी कार्यालय में भारी भीड़ उमड़ी रही।
जिले के कर्मचारियों को फरवरी माह के वेतन के साथ वार्षिक आयकर कटौती का लेखा-जोखा देना होता है। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन में लेखा लिपिक का बहुत बड़ा हाथ होता है। शासन की ओर से होली के पहले वेतन भुगतान का आदेश आने के बाद भी विभागों से बिल-बाउचर नहीं आने के कारण अधिकांश विभागों में समय से वेतन भुगतान नहीं हो पाया है। दरअसल लेखा विभाग के लिपिक वार्षिक आयकर कटौती में खेल करने के लिए कर्मचारियों और शिक्षकों से सौदेबाजी करते हैं। कुछ कर्मचारियों के देने में असमर्थता व्यक्त करने पर वह फाइल लटका देते हैं। इससे समय से वेतन भुगतान नहीं हो पाता है। हालांकि अधिकांश विभागों के लेखा-लिपिक मंगलवार को ट्रेजरी कार्यालय में मौजूद रहकर बिल पास कराने में लगे रहे थे, जबकि कर्मचारी और शिक्षक बार-बार मोबाइल पर मैसेज आने की प्रतीक्षा करते रहे।
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एटीएम से निकाल सकेंगे रुपये
मंगलवार को अगर वेतन बिल पास हो जाता है, तो बुधवार को शिक्षक और कर्मचारी एटीएम से रुपये निकाल सकेंगे। बुधवार और गुरुवार को बैंक में अवकाश होने के कारण रुपये मिलना संभव नहीं होगा।
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डीएम की फटकार के बाद एरियर का हुआ भुगतान
कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का पचास प्रतिशत एरियर भुगतान करने के लिए 10.56 करोड़ रुपये ट्रेजरी में डंप थे। अमर उजाला के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम के विभागाध्यक्षों को फटकार लगाते हुए आनन-फानन में एरियर की धनराशि का भुगतान किया गया। हालांकि एरियर की अधिकांश राशि जीपीएफ और पीपीएफ खाते में भेजी गई है।
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ट्रेजरी में जिस विभाग का वेतन बिल आ रहा है, उसे तुरंत पास किया जा रहा है। त्योहार होने के कारण सभी लोगों की लालसा होती है, कि उन्हें वेतन मिले और परिवार के संग खुशियां बांटे। शाम तक जितना भी बिल आया है, उसे पास कर खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
दीपक बाबू, वरिष्ठ कोषाधिकारी।