प्राइवेट प्रैक्टिस पर अब डीएम-एसपी की रहेगी नजर
शासन ने दिया आदेश, तीन सदस्यीय टीम गठित कर की जाए जांच
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। शासन ने डीएम-एसपी को सरकारी डाक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर नजर रखने के लिए निर्देश दिया है। इसके लिए तीन सदस्यीय टीम गठित करने के लिए कहा है। सरकारी डाक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
जनपद के सरकारी अस्पतालों में तैनात अधिकतर डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। किसी न किसी नर्सिंग होम और मेडिकल स्टोर पर बैठते हैं। नर्सिंग होम सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों के भरोसे संचालित हो रहे हैं। अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की तो इस मामले को सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद ही संज्ञान ले लिया। फतेहपुर में अपने संबोधन में उन्होंने यह बात खुद ही कहा कि सीएमओ के सांठगांठ से चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। बगैर फीस लिए मरीजों का इलाज नहीं कर रहे हैं। जबकि सरकार उन्हें वेतन दे रही है। उन्होंने जिले के मुखिया डीएम व सीएमओ को आदेश देते हुए तीन सदस्यीय टीम का गठन करने के लिए आदेश दिया है। टीम में डीएम, सीएमओ और एसपी को शामिल करने के लिए कहा है। तीनों अफसर खुद सरकारी अस्पताल के प्राइवेट प्रैक्टिस पर नजर गड़ा रखेंगे। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर यदि प्राइवेट अस्पताल में मरीजों का ऑपरेशन करने या फिर इलाज करने के लिए किसी मेडिकल स्टोर पर बैठते हैं और फीस लेते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए शासन को अवगत कराएं। इस मामले में सीएमओ एके श्रीवास्तव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि आदेश आया है। एक बार सभी चिकित्सकों के पास आदेश भेज दिया गया है। अब टीम निरीक्षण करेगी। सरकारी डॉक्टर फीस लेकर मरीजों का इलाज करते पकड़े जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही प्राइवेट अस्पताल चला रहे सरकारी डॉक्टर के नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।