प्रतापगढ़। रक्षाबंधन के पर्व के एक दिन पूर्व रोडवेज बस स्टैंड पर बसें कम पड़ गईं। शनिवार को डिपो पर बस न मिलने से बहनों को प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। डग्गामार वाहनों में धक्कामुक्की करते बहनों ने भाई के घर तक का सफर किया। पूरे दिन डिपो से लेकर प्राइवेट बस स्टैंड तक अफरातफरी मची रही।
प्रतापगढ़ डिपो में कुल 79 बसें हैं। इनमें से 14 अनुबंधित बसें हैं। विभाग के सूत्रों की मानी जाए तो 17 बसें खटारा हो गई हैं। सुबह सात बजे से ही बसों का संचालन रोडवेज विभाग ने शुरू कर दिया। खटारा बसों को किसी तरह धक्का देकर स्टार्ट करने के बाद फैजाबाद और इलाहाबाद के लिए भेजा जा रहा था। विभाग की ओर से स्पेशल बसें न मिलने के कारण ग्रामीणांचल इलाके में चलने वाली बसों को अफसर डिपो बुलाकर उसे दिल्ली, कानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, आगरा रूट पर दौड़ा रहे थे। इसके चलते रक्षाबंधन के एक दिन पहले ही बसें कम पड़ गईं।
रेलवे स्टेशन पर भी रही भीड़
भाइयों को राखी बांधने के लिए जाने वाली बहनों का रेला रेलवे स्टेशन पर भी देखने को मिला। ट्रेनें भी फुल रहीं। ट्रेन पर चढने के लिए महिलाएं मारामारी कर रही थीं।