माननीयों के हैंडपंप लगाने में पंचायत उद्योग द्वारा 1.63 करोड़ रुपये के घपले के मामले की फाइल सीडीओ ने गुरुवार को एक बार फिर खोल दी है। उन्होंने जांच अधिकारियों के पेच कसते हुए सप्ताह भर के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने परियोजना निदेशक से पूरे मामले की जानकारी ली और मामले पर नजर बनाए रखने के लिए कहा।
डीपीआरओ कार्यालय के अधीन कार्य करने वाली कार्यदायी संस्था पंचायत उद्योग ने वर्ष 2014-15 और 2015-16 में 1.63 करोड़ रुपये माननीयों के हैंडपंप लगाने के नाम पर बंदरबांट कर लिए। पंचायत उद्योग ने जिन हैंडपंपों की सूची परियोजना अधिकारी कार्यालय को मुहैया कराई थी, उसकी फौरी तौर पर जांच कराई गई तो अधिकांश हैंडपंप पुराने मिले थे। मामला जब अधिकारियों तक पहुंचा तो तत्कालीन डीएम ने परियोजना अधिकारी से खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से जांच कराने को कहा था। मगर साल भर बाद न तो जांच रिपोर्ट आई और न ही अधिकारियों ने इसके लिए कोई पहल की। गुरुवार को सीडीओ ने परियोजना अधिकारी से पत्रावली तलब कर सप्ताह भर के अंदर जांच रिपोर्ट तलब की है। सीडीओ ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। सीडीओ के इस तेवर से पंचायत उद्योग कार्यालय में हड़कंप मचा है।